क्या सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन ने दुनिया भर में भगवान गणेश की 50 अनूठी मूर्तियों के साथ रिकॉर्ड बनाया?

सारांश
Key Takeaways
- गणेश की 50 रेत मूर्तियां का अनूठा रिकॉर्ड
- पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश
- वैश्विक सांस्कृतिक राजदूत के रूप में सुदर्शन की पहचान
- भारत की कला और संस्कृति का सम्मान
- स्थिरता और जागरूकता का संदेश
पुरी, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सैंड आर्टिस्ट और पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने भगवान गणेश की 50 अनूठी रेत मूर्तियों के साथ एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडिया द्वारा इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
भारतीय सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक को जर्मनी, इटली, रूस, जापान, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, स्कॉटलैंड और भारत में भगवान गणेश की 50 अनूठी रेत मूर्तियां बनाने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडिया द्वारा सम्मानित किया गया है।
सुदर्शन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह सब भगवान गणेश जी का आशीर्वाद है कि जहां भी गए, वहां गणेश जी की रेत मूर्तियां बनाई हैं। हर साल गणेश उत्सव के अवसर पर मूर्तियां बनाते हैं, और इस बार उनकी संख्या 50 हो गई है। इसके लिए वे वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडिया के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
प्रत्येक मूर्ति को जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण (गो ग्रीन), ग्लोबल वार्मिंग, शांति और सद्भाव जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत रूप से तैयार किया गया था। यह परियोजना कला, संस्कृति, आध्यात्मिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की वैश्विक अभिव्यक्ति के रूप में खड़ी है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडिया की मुख्य संपादक और संस्थापक सुषमा नार्वेकर ने पटनायक को ईमेल के माध्यम से बधाई दी और उन्हें उपलब्धि प्रमाणपत्र और प्रशंसा पत्र भेजा, जिसमें इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक और बेजोड़ कलात्मक योगदान माना गया।
यह रिकॉर्ड सैंड आर्ट की दुनिया में एक प्रमुख मील का पत्थर है। किसी अन्य कलाकार ने इतने देशों में भगवान गणेश की मूर्तियों की इतनी व्यापक, सामाजिक रूप से प्रभावशाली और आध्यात्मिक रूप से सार्थक श्रृंखला नहीं बनाई है।
यह असाधारण उपलब्धि पटनायक की एक वैश्विक सांस्कृतिक राजदूत के रूप में विरासत को और मजबूत करती है, जो अपनी कलात्मक प्रतिभा का उपयोग रेत के माध्यम से एकता, जागरूकता और स्थिरता का संदेश फैलाने के लिए करते हैं।