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सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्देश: बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर ईआरओ और एईआरओ के लिए नई गाइडलाइंस

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सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्देश: बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर ईआरओ और एईआरओ के लिए नई गाइडलाइंस

सारांश

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईआरओ और एईआरओ को दस्तावेज सौंपने के निर्देश दिए हैं। जानें पूरी जानकारी इस महत्वपूर्ण आदेश के बारे में।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
ईआरओ और एईआरओ को दस्तावेज सौंपने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
इस प्रक्रिया में सिविल न्यायाधीशों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

नई दिल्ली, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित मामलों पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी ईआरओ और एईआरओ को यह निर्देश दिया है कि 15 फरवरी तक जो भी दस्तावेज मतदाताओं ने अपने दावों के समर्थन में पेश किए थे, और जो 24 फरवरी तक अपलोड नहीं हुए, उन सभी दस्तावेज़ों को 26 फरवरी शाम पांच बजे तक एसआईआर प्रक्रिया में नियुक्त जजों को सौंपा जाए।

इससे पहले मंगलवार को दिए गए आदेश में कोर्ट ने कहा था कि 14 फरवरी तक जमा किए गए दस्तावेजों को ही स्वीकार किया जाएगा। लेकिन बुधवार को कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो दस्तावेज 14 फरवरी तक ईआरओ और एईआरओ के पास पहुंच गए थे, किंतु 24 फरवरी तक चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए थे, उन्हें भी न्यायिक अधिकारियों को सौंपा जाए।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी जटिलताओं के समाधान के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि न्यायाधीशों की एक टीम लगभग 250 न्यायिक अधिकारियों में शामिल है, जो इस सत्यापन कार्य में लगी हुई है। लेकिन, इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों के सामने यह संख्या अपर्याप्त साबित हो रही है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सिविल न्यायाधीशों को भी शामिल करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कलकत्ता उच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय और उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों से अतिरिक्त न्यायिक अधिकारियों की मांग की जा सकती है। कोर्ट ने जोर दिया कि यह कार्य तेजी से पूरा किया जाना चाहिए ताकि समय पर मतदाता सूची तैयार हो सके।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि 28 फरवरी 2026 तक तार्किक विसंगति या अनमैप्ड श्रेणी के सभी मामलों का सत्यापन पूरा नहीं हो पाता है, तो चुनाव आयोग अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने के बाद पूरक सूची जारी कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया में तेजी आएगी। न्यायपालिका ने इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं, जो सुनिश्चित करता है कि सभी दस्तावेज समय पर जांचे जाएं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्देश है?
सुप्रीम कोर्ट ने ईआरओ और एईआरओ को 15 फरवरी तक के दस्तावेज 26 फरवरी तक जजों को सौंपने का निर्देश दिया है।
एसआईआर प्रक्रिया का क्या महत्व है?
एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सही दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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