क्या सुप्रिया श्रीनेत ने एनजीओ 'ग्राम' के सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए?
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रिया श्रीनेत ने एनजीओ ‘ग्राम’ के सर्वे को अविश्वसनीय बताया।
- सर्वे के पीछे के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर भक्त हैं।
- कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर लोगों की वास्तविक राय अलग है।
- बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर चिंता जताई।
- जमीनी स्तर पर लोगों की असंतोष को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
लखनऊ, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एनजीओ ‘ग्राम’ के सर्वे को अविश्वसनीय बताया। यह सर्वे चुनाव आयोग द्वारा कराया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करना था।
सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि एनजीओ ग्राम के संस्थापक बाला सुब्रमणयम पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय में काम कर चुके हैं और प्रधानमंत्री के कट्टर भक्त माने जाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की प्रशंसा पर एक पुस्तक भी लिखी है। ऐसे लोगों से सर्वे कराकर विश्वसनीयता की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सर्वे में दावा किया गया है कि लोग चुनावी प्रणाली से संतुष्ट हैं और उन्हें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। यह सब भ्रामक बातें हैं, जिनमें कोई सच्चाई नहीं है। मैं यह कह सकती हूं कि यदि आप जमीनी स्तर पर लोगों से पूछें, तो वे बताएंगे कि वे देश की मौजूदा चुनावी प्रणाली से खुश नहीं हैं और ईवीएम से भी नाखुश हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि देश में बड़ी संख्या में लोग चुनावी प्रणाली के प्रति असंतुष्ट हैं और ईवीएम पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। लेकिन सर्वे में यह कहा जा रहा है कि लोगों को चुनावी प्रणाली को लेकर कोई समस्या नहीं है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने देवकीनंदन ठाकुर के बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि ये कौन हैं, लेकिन केंद्र सरकार को यह देखना चाहिए कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोगों के साथ क्या हो रहा है। वहाँ लगातार हिंदू समुदाय के लोगों की हत्याएं हो रही हैं और अल्पसंख्यक समुदाय को कट्टरवादी ताकतों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार को इस पर तत्काल कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में कुछ लोग हिंदुओं के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन जहाँ वास्तव में हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहा है, उस पर वे चुप हैं।
इसके अलावा, शाहरुख की टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खरीदने पर भाजपा की आपत्ति पर भी सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी से सीधा सवाल पूछा जाना चाहिए, तो वह जय शाह हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों को टीम में क्यों शामिल किया गया।