क्या सूरजपुर में पुलिस मुठभेड़ में दो शातिर बदमाश घायल हुए?
सारांश
Key Takeaways
- सूरजपुर में हुई मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हुए।
- पुलिस ने अवैध हथियार और चोरी का सामान बरामद किया।
- बदमाशों के खिलाफ लंबा आपराधिक इतिहास है।
- पुलिस की तत्परता ने मुठभेड़ को सफल बनाया।
- समाज को अपराधियों के खिलाफ जागरूक होना चाहिए।
ग्रेटर नोएडा, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर जिले के थाना सूरजपुर क्षेत्र में मंगलवार, 7 जनवरी 2026 को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर अपराधी घायल हो गए। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सूरजपुर पुलिस मोजर वियर गोलचक्कर के पास सर्विस रोड पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी।
पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो दोनों बदमाश मोटरसाइकिल मोड़कर रेलवे लाइन के किनारे-किनारे जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस को संदेह होने पर तत्काल पीछा किया गया। अपने आप को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए।
घायल बदमाशों की पहचान सिराजुद्दीन उर्फ गुड्डू पुत्र नसीरुद्दीन और मयंक शर्मा पुत्र अवनीश शर्मा के रूप में हुई है। सिराजुद्दीन मूल रूप से बुलंदशहर का निवासी है, जबकि वर्तमान में दिल्ली के गोकुलपुरी क्षेत्र में रह रहा था। वहीं मयंक शर्मा हापुड़ जिले का निवासी बताया गया है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से एक अवैध तमंचा .315 बोर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
इसके अलावा थाना सूरजपुर क्षेत्र के नवादा मंदिर में दानपात्र तोड़कर चोरी की गई 20,700 रुपये की नकदी, तिलपता गांव में एक घर से चोरी किया गया वन प्लस मोबाइल फोन, 2,165 रुपये नकद, काले रंग का एक बैग, दो आधार कार्ड और ताला तोड़ने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। बदमाश जिस स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से घूम रहे थे, वह बिना नंबर प्लेट की थी और जांच में चोरी की पाई गई।
पुलिस के अनुसार, घायल दोनों अभियुक्तों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और उनके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों बदमाश लंबे समय से चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में सक्रिय थे। सिराजुद्दीन उर्फ गुड्डू का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी सहित कुल 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मयंक शर्मा के खिलाफ भी चोरी और बीएनएस की धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं।