सूरत रेलवे स्टेशन: १,५०० करोड़ का मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनेगा
सारांश
Key Takeaways
- सूरत स्टेशन का विकास मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब के रूप में किया जा रहा है।
- इसकी लागत लगभग १,५०० करोड़ रुपए है।
- प्रोजेक्ट का पहला चरण दिसंबर २०२७ तक पूरा होगा।
- सभी प्रमुख परिवहन साधनों को एकीकृत किया जाएगा।
- यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
सूरत, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सूरत रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने के लिए इसे मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब (एमएमटीएच) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के सभी प्रमुख परिवहन साधनों, जैसे कि रेल, बस और मेट्रो को एकीकृत करके यात्रियों को सुगम, तेज और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
इस मेगा प्रोजेक्ट की लागत लगभग १,५०० करोड़ रुपए है, जिसमें पहले चरण का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे दिसंबर २०२७ तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे के बड़े ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है, जिसमें वंदे भारत ट्रेन, अमृत भारत योजना, कवच सुरक्षा प्रणाली और स्टेशन रिडेवलपमेंट शामिल हैं।
इसी तरह अहमदाबाद में भी एमएमटीएच मॉडल पर कार्य किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (सीपीआरओ) विनीत अभिषेक ने बताया कि सूरत स्टेशन को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें बस, मेट्रो और रेलवे सेवाओं को एकत्रित किया जाएगा ताकि यात्रियों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और यात्रा पूरी तरह से सुगम हो।
उन्होंने आगे बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग १,५०० करोड़ रुपए है, जिसमें पहले चरण पर करीब ९८० करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं और लगभग ५० प्रतिशत का कार्य पूर्ण हो चुका है। हमारा लक्ष्य है कि दिसंबर २०२७ तक पहला चरण पूरी तरह तैयार हो जाए।
सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि इसमें एलिवेटेड रोड के माध्यम से सभी प्लेटफॉर्म को जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को स्टेशन तक आने-जाने में आसानी होगी और ट्रैफिक की समस्या भी कम होगी। इस स्टेशन को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है, ताकि बढ़ती यात्री संख्या को संभाला जा सके।
उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल सूरत के लिए, बल्कि पूरे रेलवे नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी, समय की पाबंदी में वृद्धि होगी और यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।