क्या प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण करेंगे?

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क्या प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण करेंगे?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी 15 नवंबर को सूरत में बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा करेंगे। यह परियोजना भारत में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का प्रतीक है, जो यात्रा को तेज और आरामदायक बनाएगी। जानिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विशेषताएँ और इसके दूरगामी प्रभाव।

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी का सूरत दौरा बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यह परियोजना भारतीय परिवहन को बदलने का वादा करती है।
  • सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन का डिजाइन किया गया है।
  • बुलेट ट्रेन यात्रा का समय घटाकर दो घंटे करेगी।
  • यह परियोजना व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी।

नई दिल्ली, 14 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 नवंबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। सुबह लगभग 10 बजे, प्रधानमंत्री सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा करेंगे और मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (एमएएचएसआर) की प्रगति की समीक्षा करेंगे। यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है और देश के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के युग में प्रवेश का प्रतीक है।

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कोरिडोर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है। इसमें 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में, जबकि 156 किलोमीटर हिस्सा महाराष्ट्र में आता है। यह कोरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा, जो भारत के परिवहन बुनियादी ढाँचे में एक परिवर्तनकारी कदम होगा।

अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित इस परियोजना में 465 किमी मार्ग (मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत) पुलों पर निर्मित है, जिससे न्यूनतम भूमि व्यवधान और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होती है। अभी तक 326 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है और 25 में से 17 नदी पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

परियोजना पूरी होने पर बुलेट ट्रेन से मुंबई से अहमदाबाद की यात्रा का समय घटकर करीब दो घंटे का रह जाएगा। इससे यात्रा और अधिक तेज, सहज और आरामदायक होगी जो एक क्रांतिकारी बदलाव होगा। इस परियोजना से पूरे कॉरिडोर पर व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सूरत-बिलिमोरा खंड, जो लगभग 47 किलोमीटर लंबा है, निर्माण के अंतिम चरण में है, जहां सिविल कार्य और ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। सूरत स्टेशन का डिजाइन शहर के विश्व प्रसिद्ध हीरा उद्योग से प्रेरित है, जो इसकी भव्यता और दक्षता दोनों को दर्शाता है।

स्टेशन को यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें विशाल प्रतीक्षालय, शौचालय और खुदरा दुकानें शामिल हैं। यह सूरत मेट्रो, सिटी बसों और भारतीय रेलवे नेटवर्क के साथ निर्बाध मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा।

Point of View

बल्कि यह आर्थिक विकास, पर्यटन और व्यापार के लिए एक नया रास्ता खोलेगी। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत को वैश्विक मानकों पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
NationPress
22/02/2026

Frequently Asked Questions

बुलेट ट्रेन परियोजना का मुख्य लाभ क्या है?
इस परियोजना से यात्रा का समय कम होगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
इस परियोजना के लिए कब की गई थी घोषणा?
इसकी घोषणा 2015 में की गई थी।
बुलेट ट्रेन का निर्माण किस तकनीक से किया जा रहा है?
यह परियोजना अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित है।
क्या बुलेट ट्रेन से यात्रा सुरक्षित है?
हाँ, इस परियोजना में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है।
इस परियोजना का कुल लंबाई क्या है?
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 508 किलोमीटर है।
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