गुजरात: सूरत मेट्रो के महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर परीक्षण शुरू, डायमंड बोर्स के लिए कनेक्टिविटी में सुधार

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गुजरात: सूरत मेट्रो के महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर परीक्षण शुरू, डायमंड बोर्स के लिए कनेक्टिविटी में सुधार

सारांश

सूरत मेट्रो के टेस्टिंग चरण का आरंभ हो चुका है, जो शहर में यातायात की समस्याओं को कम करने और डायमंड बोर्स तक सीधी पहुँच में सुधार लाने की उम्मीद करता है।

Key Takeaways

  • सूरत मेट्रो का परीक्षण आरंभ हुआ है।
  • डायमंड बोर्स तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
  • यातायात जाम में कमी की उम्मीद।
  • 40,000 से 45,000 लोग लाभान्वित होंगे।
  • प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 40.35 किलोमीटर है।

सूरत, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सूरत मेट्रो के एक अहम सेक्शन पर परीक्षण का कार्य आरंभ हो चुका है, जिससे शहर में मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की शुरूआत की संभावनाएँ बढ़ गई हैं। इस प्रणाली के माध्यम से ट्रैफिक जाम में कमी और सूरत डायमंड बोर्स समेत अन्य मुख्य वाणिज्यिक केंद्रों तक पहुँच में सुधार की अपेक्षा है।

गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने ड्रीम सिटी और अल्थान टेनमेंट के बीच 8.5 किलोमीटर लम्बे कॉरिडोर पर परीक्षण की प्रक्रिया शुरू की है।

इस परीक्षण चरण में, जो 500 घंटों से अधिक चलेगा, ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण किया जाएगा ताकि परिचालन मंजूरी प्राप्त की जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा यात्रियों के लिए एक तेज़, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का साधन प्रदान करेगी।

यह मेट्रो सूरत डायमंड बोर्स को सीधे जोड़ते हुए वराछा, कतरगाम और सारथाना जैसे क्षेत्रों से प्रतिदिन आने-जाने वाले लगभग 40,000 से 45,000 कारीगरों और व्यापारियों को सुविधा प्रदान करेगी।

गुजरात जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के क्षेत्रीय अध्यक्ष जयंती सावलिया ने कहा कि यह परियोजना यातायात से संबंधित समस्याओं के समाधान में मददगार साबित होगी।

उन्होंने कहा कि यातायात की समस्या में काफी कमी आएगी। डायमंड बोर्स तक मेट्रो का संचालन शुरू होने पर 45,000 लोग आसानी से आ-जा सकेंगे। सूरत के लिए निर्मित मेट्रो को अत्यंत बेहतरीन तरीके से डिजाइन किया गया है।

स्थानीय निवासियों ने दैनिक यात्रा पर मेट्रो के संभावित प्रभावों पर भी चर्चा की। निवासी राज पटेल ने कहा कि सूरत में मेट्रो के आगमन से सुबह से शाम तक सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर लोगों को बहुत राहत मिलेगी। लोग समय पर अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे। सूरत निवासी होने के नाते, मुझे खुशी है कि वर्षों के इंतज़ार के बाद हमें मेट्रो मिल रही है, इसलिए सूरत के हर निवासी को खुशी है।

एक अन्य निवासी रोशन चिमना ने कहा कि सूरत में यह परियोजना बहुत तेजी से पूरी हुई है। इससे बढ़कर गर्व की बात और क्या हो सकती है?

सूरत मेट्रो रेल परियोजना में दो कॉरिडोर शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई 40.35 किलोमीटर और 38 स्टेशन हैं।

डायमंड कॉरिडोर, जिसे कॉरिडोर-1 कहा जाता है, सारथाना को ड्रीम सिटी से 21.6 किलोमीटर की दूरी पर जोड़ता है, जिसमें 15 किलोमीटर का एलिवेटेड ट्रैक और 6.5 किलोमीटर का अंडरग्राउंड ट्रैक शामिल है, साथ ही 14 एलिवेटेड और 6 अंडरग्राउंड स्टेशन भी हैं।

कॉरिडोर-2, जिसे टेक्सटाइल कॉरिडोर भी कहा जाता है, भेसान को सरोली से 18.7 किलोमीटर की दूरी पर जोड़ता है और यह पूरी तरह से एलिवेटेड है, जिसमें 18 स्टेशन हैं। ड्रीम सिटी और भेसान में दो डिपो विकसित किए जा रहे हैं।

Point of View

जो न केवल स्थानीय व्यापारियों के लिए सहायक होगी, बल्कि नागरिकों के जीवनस्तर में भी सुधार लाएगी। यह परियोजना शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

सूरत मेट्रो का उद्देश्य क्या है?
सूरत मेट्रो का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक जाम को कम करना और प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों तक पहुँच को आसान बनाना है।
यह मेट्रो परियोजना कब शुरू हुई?
सूरत मेट्रो के परीक्षण चरण की शुरुआत 17 अप्रैल को हुई।
इस मेट्रो से कितने लोगों को लाभ होगा?
इस मेट्रो परियोजना से लगभग 40,000 से 45,000 लोग लाभान्वित होंगे।
सूरत मेट्रो की कुल लंबाई कितनी है?
सूरत मेट्रो परियोजना की कुल लंबाई 40.35 किलोमीटर है।
इस मेट्रो में कितने स्टेशन होंगे?
सूरत मेट्रो में कुल 38 स्टेशन होंगे।
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