क्या केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ट्रांसजेंडर समुदाय के समर्थन में इस्तीफा देंगे?
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तिरुवनंतपुरम, 6 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि यदि पिनाराई विजयन सरकार ने वित्तीय सहायता देने के अपने वादे को पूरा नहीं किया, तो वह ट्रांसजेंडर समुदाय के समर्थन में दो दिनों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं।
यह बयान सुरेश गोपी ने केरल की राजधानी में आयोजित ओणम समारोह में दिया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार ने समर्थन नहीं किया, तो करुवन्नूर मॉडल आंदोलन अगले साल के ओणम से पहले शुरू किया जाएगा।
ओणम समारोह की शुरुआत दीप जलाने से हुई, जिसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की गईं। समारोह में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह का समापन ओणक्कोडी (ओणम के लिए नए कपड़े) वितरण और पारंपरिक ओणम भोज (ओनासद्या) के साथ हुआ, जिसमें गोपी ने भाग लिया।
उन्होंने कहा, "ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कुछ सार्थक करना ईश्वरीय आशीर्वाद से कम नहीं है। राज्य सरकार को उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए। व्यक्तिगत रूप से मैं दस और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की सर्जरी के लिए भी धनराशि दूंगा। मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा। यदि सरकार कार्रवाई करने से इनकार करती है, तो मैं दो दिनों के लिए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा। उसके बाद मैं फिर से मंत्री के रूप में अपनी ज़िम्मेदारियां संभाल लूंगा।"
दरअसल, अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी केरल में ट्रांसजेंडर समुदाय के संघर्षों और कठिनाइयों के समय में लगातार उनके साथ खड़े रहे हैं।
सुरेश गोपी ने ट्रांसजेंडर के लिए समय पर राज्य सहायता की कमी पर चिंता जताई है। ट्रांसजेंडर स्वास्थ्य सेवा और पुनर्वास सहायता के लिए सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं।
यह भी ध्यान दें कि ट्रांसजेंडर समुदाय की मदद के तहत सुरेश गोपी ने लिंग परिवर्तन सर्जरी के लिए अमृता अस्पताल में 12 लाख रुपये जमा कराए थे। इनमें से दस व्यक्तियों की सर्जरी पहले ही सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है।
-राष्ट्र प्रेस
वीसी