क्या सूर्या हांसदा एनकाउंटर साजिश का नतीजा है?

सारांश
Key Takeaways
- सूर्या हांसदा एनकाउंटर की समीक्षा जारी है।
- एनसीएसटी की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने परिजनों से मुलाकात की।
- राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और जांच के मांगें उठ रही हैं।
गोड्डा, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा रविवार को घटना स्थल पर पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने हांसदा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आयोग वर्तमान में जानकारी एकत्रित कर रहा है।
डॉ. आशा लकड़ा ने अपनी सात सदस्यीय टीम के साथ एनकाउंटर स्थल बोआरीजोर क्षेत्र का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। घटनास्थल के बाद उनकी टीम गोड्डा जिले के ललमटिया स्थित डकैता गांव पहुंची, जहां उन्होंने सूर्या हांसदा के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी प्राप्त की।
डॉ. लकड़ा ने सूर्या नारायण हांसदा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित की।
डॉ. लकड़ा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम सभी जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। सूर्या हांसदा के परिवार से मुलाकात की गई और उनकी मां, भाई, पत्नी और बच्चों से जानकारी ली गई है। अब प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। उन्होंने कहा कि आयोग अभी कोई जानकारी नहीं देगा, क्योंकि हमारी संवैधानिक ताकत का उपयोग करना आवश्यक है। हमारी जांच अभी जारी है।
वहीं, झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके सूर्या हांसदा के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की कहानी पूरी तरह से झूठी है। उन्होंने कहा कि गोड्डा जिले के सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा की हत्या सत्तारूढ़ दल, माफिया और पुलिस की साजिश का परिणाम है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
मरांडी ने कहा कि इस घटना की जांच के लिए पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की थी। इसकी रिपोर्ट से स्पष्ट है कि हांसदा की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई।