क्या सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले का मामला हाईकोर्ट पहुंचा? सीबीआई जांच की मांग
सारांश
Key Takeaways
- सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला
- सीबीआई जांच की मांग
- स्थानीय पुलिस की लापरवाही
- केंद्र सरकार की गंभीरता
- पहले भी हुए हमले
कोलकाता, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए हमले का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। सोमवार को, सुवेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट के एकल पीठ में याचिका दायर करके इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की।
जस्टिस सुव्रत घोष की बेंच ने याचिका को स्वीकार कर लिया है, हालाँकि सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
यह घटना १० जनवरी की रात की है, जब सुवेंदु अधिकारी पुरुलिया जिले में एक राजनीतिक कार्यक्रम से कोलकाता लौट रहे थे। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना इलाके में अचानक कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोका। सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि ये लोग तृणमूल कांग्रेस के झंडे लिए हुए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उनके काफिले पर बांस के डंडों से हमला किया और उनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। अधिकारी का दावा है कि यह हमला काफी देर तक चलता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। किसी तरह उनका काफिला वहां से निकलने में सफल रहा। इसके बाद वे सीधे पुलिस आउटपोस्ट पहुंचे और वहां फर्श पर बैठ गए।
इस घटना को केंद्र सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। गृह मंत्रालय ने इस हमले के संबंध में सुवेंदु अधिकारी के कार्यालय से पूरी रिपोर्ट मांगी है। अधिकारी के दफ्तर की ओर से हमले से जुड़े पांच वीडियो पहले ही गृह मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं।
इतना ही नहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सुवेंदु अधिकारी को फोन कर उनसे बात की। करीब १५ मिनट की बातचीत में अमित शाह ने हमले की पूरी जानकारी ली।
सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब उनके काफिले पर हमला हुआ है। इससे पहले अगस्त २०२५ में उत्तर बंगाल के कूचबिहार में भी उनके काफिले को तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों ने घेर लिया था और रास्ता रोकने की कोशिश की थी।