स्वामी विश्वानंद सरस्वती का पहलगाम हमले पर बयान: धर्म गुरु आगे बढ़कर नफरत मिटाएं

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स्वामी विश्वानंद सरस्वती का पहलगाम हमले पर बयान: धर्म गुरु आगे बढ़कर नफरत मिटाएं

सारांश

स्वामी विश्वानंद सरस्वती ने पहलगाम हमले को निंदनीय करार दिया है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा की कोई सीमा होनी चाहिए, और धर्म गुरु को आगे आकर समाज में शांति और एकता स्थापित करनी चाहिए।

Key Takeaways

  • धर्म के नाम पर हिंसा की कोई सीमा होनी चाहिए।
  • धर्म गुरु को समाज में शांति और एकता स्थापित करनी चाहिए।
  • आदि शंकराचार्य का अद्वैत सिद्धांत सभी समुदायों के लिए है।
  • एकता के सिद्धांत को अपनाने से बुराइयाँ कम हो सकती हैं।
  • लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।

श्रीनगर, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। स्वामी विश्वानंद सरस्वती ने हाल ही में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यदि कोई समुदाय अपने धर्म या समुदाय के लिए संघर्ष करता है, तो उसका एक सीमा होना अनिवार्य है। उस सीमा से आगे बढ़ना अत्यंत गलत है।

स्वामी जी ने कहा, "इस घटना के परिणामस्वरूप कई देशों के मुस्लिम समुदाय की छवि को नुकसान पहुँचा है। हाल ही में मैंने एक वीडियो देखा, जिसमें एक व्यक्ति से जब उसके कश्मीर से होने के बारे में पूछा गया, तो कई लोगों ने उसे गलत नजर से देखा। कई ने किराए के कमरों को खाली करवाना शुरू कर दिया।"

स्वामी जी ने यह भी कहा कि धर्म गुरुओं को इस मुद्दे पर आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा, "धर्म गुरु हर व्यक्ति तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुँचाते हैं। सरकार केवल कुछ लोगों तक ही पहुँच सकती है, जबकि धर्म गुरु पूरे समुदाय को समझा सकते हैं। सभी समुदायों के धर्म गुरुओं को यह बताना चाहिए कि ऐसी निंदनीय घटनाएं नहीं होनी चाहिए, जो पूरे समुदाय की छवि को खराब करें।"

उन्होंने आदि शंकराचार्य के सिद्धांतों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "आदि गुरु शंकराचार्य का संदेश किसी एक समुदाय या धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए था, जिसे 'अद्वैत सिद्धांत' कहा जाता है। इसमें सभी जातियाँ, धर्म और समुदाय एक हैं।"

स्वामी जी ने कहा, "एक समय था जब भारत और पूरी दुनिया में अद्वैत सिद्धांत का प्रभाव था। उस समय लोग इस सिद्धांत का पालन करते थे। आज भी यदि हम शंकराचार्य के इस सिद्धांत को अपनाएँ, जिसमें जाति और धर्म का भेद न हो, तो समाज में शांति और एकता बनी रह सकती है।"

स्वामी विश्वानंद सरस्वती ने कहा कि आज भी कई देशों में हमारी महात्मा संस्थाएं सही मार्गदर्शन दे रही हैं। उन्होंने कहा, "जिन समाजों और देशों ने इस एकता के सिद्धांत को अपनाया है, वहाँ के लोग नशे और अपराध जैसी बुराइयों को भुला चुके हैं। इसलिए हमें लोगों को इन बातों के प्रति जागरूक करना चाहिए।"

Point of View

बल्कि उन्होंने यह भी कहा है कि धर्म के नाम पर लड़ाई की कोई सीमा होनी चाहिए। उनका यह बयान समाज में एकता और शांति के लिए एक सकारात्मक कदम हो सकता है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

स्वामी विश्वानंद सरस्वती ने पहलगाम हमले के बारे में क्या कहा?
स्वामी विश्वानंद सरस्वती ने इस हमले को निंदनीय बताया और कहा कि धर्म के नाम पर लड़ाई की एक सीमा होनी चाहिए।
धर्म गुरु को इस मामले में क्या करना चाहिए?
स्वामी जी ने कहा कि धर्म गुरु को आगे आकर समाज में नफरत और कट्टरता को मिटाना चाहिए।
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