बद्ध पद्मासन: स्वस्थ रीढ़ और पाचन के लिए एक प्रभावशाली योग आसन

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बद्ध पद्मासन: स्वस्थ रीढ़ और पाचन के लिए एक प्रभावशाली योग आसन

सारांश

बद्ध पद्मासन, जिसे 'बंधा हुआ कमल' कहा जाता है, एक शक्तिशाली योग आसन है। यह न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और पाचन में सुधार करने में भी मदद करता है। इस लेख में जानें इसके लाभ और सही विधि।

Key Takeaways

  • बद्ध पद्मासन रीढ़ की सेहत के लिए फायदेमंद है।
  • यह पाचन में सुधार करता है।
  • मन को शांति और संतुलन प्रदान करता है।
  • सही विधि से अभ्यास करना आवश्यक है।
  • अगर गंभीर चोट है, तो इसे न करें।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। योग की शास्त्र में आसनों का महत्व केवल शरीर को लचीला बनाने तक ही नहीं सीमित है, यह शरीर और मन के बीच एक गहरा संबंध बनाने की कला भी है। इसी कला का एक अत्यंत प्रभावशाली आसन है बद्ध पद्मासन, जिसे 'बंधा हुआ कमल' के नाम से भी जाना जाता है।

बद्ध पद्मासन को पद्मासन का एक उन्नत रूप माना जाता है। इस आसन में पैरों को कमल के फूल की तरह मोड़कर, हाथों से पीठ के पीछे बांधा जाता है। 'बद्ध' का अर्थ 'बंधा हुआ' और 'पद्म' का अर्थ 'कमल का फूल' है। यह आसन शरीर की स्थिरता, संतुलन और लचीलापन को बढ़ाने में सहायक है।

आयुष मंत्रालय के निर्देशों और योग परंपरा के अनुसार, बद्ध पद्मासन एक उन्नत योगासन है, जो पद्मासन की मुद्रा में बैठकर किया जाता है। इसे 'लॉक्ड लोटस पोज़' भी कहा जाता है। इसे करने के लिए पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठें। फिर, बाएं पैर को दाईं जांघ पर और दाएं पैर को बाईं जांघ पर रखें, ताकि एड़ियां नाभि के नीचे मिल जाएं। अब दोनों हाथ पीछे ले जाकर बाएं हाथ से बाएं पैर का अंगूठा और दाएं हाथ से दाएं पैर का अंगूठा पकड़ें। छाती को आगे की ओर खोलें और रीढ़ को सीधा रखें। शुरुआत में 30 सेकंड से 1 मिनट तक इस स्थिति में रहें। धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। सांस को सामान्य रखें और आंखें बंद करके ध्यान केंद्रित करें।

इसके नियमित अभ्यास से पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और रीढ़ की हड्डी में रक्त प्रवाह में सुधार होता है, जिससे रीढ़ स्वस्थ रहती है। इसके अलावा, लेटकर करने पर पेट पर हल्का दबाव पड़ता है, जो पाचन में सुधार करता है और कब्ज जैसी समस्याओं में मदद करता है।

यह छाती को खोलता है, जिससे सांस लेने की क्षमता बढ़ती है और फेफड़े बेहतर ढंग से कार्य करते हैं। साथ ही, यह मन को शांत करता है और ध्यान व सोचने की क्षमता को बढ़ाता है।

यह एक उन्नत आसन है। यदि आपको घुटने, टखने या पीठ में गंभीर दर्द या चोट है, तो इसे न करें। इसे योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए।

Point of View

बल्कि मानसिक संतुलन भी प्रदान करता है। इसे सही तरीके से करने पर, यह रीढ़ की हड्डी और पाचन तंत्र के स्वास्थ्य में सुधार लाता है, जो हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

बद्ध पद्मासन करने की सही विधि क्या है?
बद्ध पद्मासन के लिए पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठें, फिर दोनों पैरों को मोड़कर एड़ियों को नाभि के नीचे रखें और हाथों से पैरों के अंगूठों को पकड़ें।
बद्ध पद्मासन के लाभ क्या हैं?
यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है, पाचन में सुधार करता है, और मानसिक शांति लाता है।
क्या सभी लोग बद्ध पद्मासन कर सकते हैं?
नहीं, यदि आपको घुटने या पीठ में दर्द है, तो इसे करने से पहले चिकित्सक से सलाह लें।
बद्ध पद्मासन का अभ्यास कब करना चाहिए?
इसका अभ्यास सुबह के समय खाली पेट करना सबसे अच्छा होता है।
क्या बद्ध पद्मासन करते समय सांस पर ध्यान देना चाहिए?
हाँ, इस आसन के दौरान सांस सामान्य रखें और ध्यान केंद्रित करें।
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