स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मोलिन ने जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया, 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल साथ
सारांश
मुख्य बातें
स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ पार्मोलिन मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को लगभग 65 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गौतमबुद्धनगर के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुँचे और परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। यह दौरा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच विमानन, तकनीक और निवेश सहयोग की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस एयरपोर्ट का विकास स्विस कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
स्वागत और प्रस्तुतीकरण
एयरपोर्ट पर आगमन के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने राष्ट्रपति पार्मोलिन को पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। एयरपोर्ट के अवनी बोर्ड रूम में स्विस राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल के समक्ष नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की विकास योजना, आधुनिक सुविधाओं, यात्री सेवाओं और परिचालन व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
एयरसाइड और एटीसी टॉवर निरीक्षण
प्रस्तुतीकरण के बाद राष्ट्रपति गाइ पार्मोलिन, उनकी पत्नी और प्रतिनिधिमंडल के चयनित अधिकारियों ने एयरसाइड तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर का सीधे निरीक्षण किया। इसके समानांतर प्रतिनिधिमंडल के शेष सदस्यों ने एयरपोर्ट के टर्मिनल, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम समेत विभिन्न हिस्सों का जायज़ा लिया। एयरपोर्ट परिसर में भारतीय संगीत की धुनों के बीच पूरे स्विस प्रतिनिधिमंडल का समूह छायाचित्र भी लिया गया। निर्धारित कार्यक्रम पूरा होने के बाद दोपहर करीब दो बजे राष्ट्रपति पार्मोलिन और उनका दल एयरपोर्ट परिसर से रवाना हुआ।
प्रतिनिधिमंडल की संरचना
स्विस राष्ट्रपति के साथ आए 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में उनकी पत्नी के अतिरिक्त भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, राज्य सचिव और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल रहे। इस उच्चस्तरीय उपस्थिति को दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं को बल देने वाला संकेत माना जा रहा है।
स्विस-भारत संबंध और एयरपोर्ट परियोजना
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो स्विस परिसंघ की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-स्विट्जरलैंड के बीच विमानन और तकनीकी साझेदारी के विस्तार पर चर्चा जोर पकड़ रही है। गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है, जो क्षेत्र में औद्योगिक, कारोबारी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी।
मौजूद अधिकारी
इस अवसर पर यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ सैल्मन और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर किरण जैन सहित जिला प्रशासन, प्राधिकरण और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनज़र एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। यह दौरा भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय संबंधों में विमानन क्षेत्र की बढ़ती केंद्रीयता को रेखांकित करता है।