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क्या तमिलनाडु भाजपा ने पोंगल नकद सहायता 8,000 रुपये करने की मांग की?

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क्या तमिलनाडु भाजपा ने पोंगल नकद सहायता 8,000 रुपये करने की मांग की?

सारांश

तमिलनाडु भाजपा ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से पोंगल पर्व पर नकद सहायता बढ़ाने की मांग की है। प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद ने डीएमके सरकार पर आरोप लगाया कि वह पिछले चार वर्षों में लाभों में कटौती कर रही है। पार्टी का कहना है कि 8,000 रुपये की सहायता बढ़ती महंगाई के मद्देनजर जरूरी है।

मुख्य बातें

भाजपा ने पोंगल नकद सहायता बढ़ाने की मांग की है।
डीएमके पर लाभों में कमी का आरोप लगाया गया है।
2026 के लिए 8,000 रुपये की सहायता की आवश्यकता।
पारंपरिक उपहार पैकेट के साथ सहायता की मांग।
महंगाई के खिलाफ वास्तविक चिंता।

चेन्नई, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से पोंगल पर्व के अवसर पर दी जाने वाली नकद सहायता को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये करने की मांग की है। यह राशि पारंपरिक पोंगल उपहार पैकेट के साथ वितरित किए जाने की अपेक्षा की गई है।

तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद ने यह मांग करते हुए सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पर आरोप लगाया कि वह पिछले चार वर्षों से लोगों को उनके वैध पोंगल लाभों से जानबूझकर वंचित कर रही है।

प्रसाद ने कहा कि डीएमके सरकार चुनाव से पहले केवल “नाममात्र” 3,000 रुपये की नकद सहायता की घोषणा कर गरीबों और जरूरतमंदों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, जबकि पिछले वर्षों की बकाया राशि नहीं दी गई। उनका कहना है कि वर्ष 2026 के लिए घोषित पोंगल नकद सहायता, डीएमके के सत्ता में आने के बाद से लगातार लाभों में की गई कटौती और वंचना की भरपाई नहीं करती।

भाजपा प्रवक्ता ने इसे पिछली अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) सरकार से तुलना करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में पोंगल उपहार पैकेट के साथ 2,500 रुपये की नकद राशि दी गई थी। उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार ने 2022 और 2023 में इस राशि को घटाकर 1,000 रुपये कर दिया, 2024 में कोई नकद सहायता नहीं दी गई और 2025 में भी यही स्थिति रही।

प्रसाद के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच तमिलनाडु के परिवारों को कम से कम 10,000 रुपये की पोंगल नकद सहायता मिलनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय डीएमके सरकार ने इन चार वर्षों में लगभग 8,000 रुपये की राशि से उन्हें वंचित किया।

उन्होंने 3,000 रुपये की मौजूदा घोषणा को चुनावी लाभ के लिए किया गया कदम बताते हुए कहा कि यह कोई वास्तविक कल्याणकारी उपाय नहीं है। भाजपा का कहना है कि यदि घोषित 3,000 रुपये में पिछले वर्षों के बकाया 5,000 रुपये जोड़ दिए जाएं, तो वर्ष 2026 के लिए 8,000 रुपये की पोंगल नकद सहायता न्यायसंगत होगी। पार्टी के अनुसार, इससे बढ़ती महंगाई से प्रभावित लोगों के प्रति सरकार की वास्तविक चिंता झलकेगी।

डीएमके पर कल्याणकारी वादों को कमजोर करने और राज्य की प्रशासनिक साख को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने मुख्यमंत्री स्टालिन से तुरंत पोंगल नकद सहायता को बढ़ाकर 8,000 रुपये करने और इसे पारंपरिक उपहार पैकेट के साथ वितरित करने की मांग की।

भाजपा ने दोहराया कि पोंगल का पूरा लाभ बहाल करना तमिलनाडु की जनता को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि पोंगल जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर आर्थिक सहायता का बढ़ाना एक सामाजिक न्याय का मुद्दा है। हालांकि, सरकार ने अपने संसाधनों और वित्तीय स्थिति का ध्यान रखते हुए निर्णय लिया है। यह देखना होगा कि क्या भाजपा की मांग पर सरकार कोई कदम उठाती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोंगल नकद सहायता क्यों बढ़ाने की मांग की गई है?
भाजपा का कहना है कि डीएमके सरकार पिछले चार वर्षों से पोंगल लाभों में कटौती कर रही है, जिससे गरीबों को नुकसान हो रहा है।
डीएमके सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि डीएमके सरकार ने पोंगल के लाभों को कम करके लोगों को उनके अधिकारों से वंचित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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