तमिलनाडु CM विजय ने विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर में की पूजा, चंद्रबाबू नायडू से जल विवाद पर वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को विजयवाड़ा स्थित प्रसिद्ध कनक दुर्गा मंदिर में दशहरा से पूर्व पूजा-अर्चना की। यह उनके तमिलनाडु का मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद आंध्र प्रदेश की पहली आधिकारिक यात्रा है। मंदिर के पुजारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाज से उनका स्वागत किया और वैदिक आशीर्वाद के साथ पवित्र प्रसाद भेंट किया।
विजय का आगमन और मंदिर दर्शन
मुख्यमंत्री विजय चेन्नई से एक विशेष विमान द्वारा गन्नवरम एयरपोर्ट पहुँचे, जहाँ नगरपालिका प्रशासन मंत्री पी. नारायण और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में उत्साही प्रशंसक जमा थे और कार में बैठने से पहले विजय ने भीड़ को हाथ हिलाकर अभिवादन किया। कुछ प्रशंसक उनके काफिले के पीछे दौड़ते भी देखे गए। पुलिस ने एयरपोर्ट से कनक दुर्गा मंदिर तक सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।
अमरावती में चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात
मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री विजय अमरावती स्थित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के सरकारी आवास पहुँचे। नायडू और मंत्री नारा लोकेश ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक के दौरान नायडू ने मंत्री पी. नारायण, मंत्री निम्मला रामनायडू और सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी का परिचय विजय से कराया।
जल बंटवारे पर द्विपक्षीय वार्ता
दोनों राज्यों के बीच इस वार्ता का मुख्य केंद्र अंतरराज्यीय जल प्रबंधन रहा। विशेष रूप से तेलुगु गंगा परियोजना के तहत कृष्णा नदी के पानी को चेन्नई के लिए शीघ्र जारी करने का मुद्दा चर्चा में रहा। इसके अतिरिक्त गोदावरी और कावेरी नदियों को आपस में जोड़ने की प्रस्तावित परियोजना पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना जताई गई।
पानी की किल्लत — असली चिंता
यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब तेलुगु गंगा परियोजना के तहत पानी की मात्रा को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। आंध्र प्रदेश को चेन्नई की पेयजल जरूरतों के लिए सालाना 12 टीएमसी पानी की आपूर्ति करनी होती है, लेकिन इस वर्ष अक्टूबर की शुरुआत तक तमिलनाडु को मात्र 2.251 टीएमसी पानी ही मिल पाया था — यानी वार्षिक आवंटन का लगभग एक-पाँचवाँ हिस्सा। गौरतलब है कि यह कमी दशकों पुराने जल-साझाकरण समझौते के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है।
विजयवाड़ा उत्सव 2.0 में भागीदारी
जल वार्ता के अलावा मुख्यमंत्री विजय, मुख्यमंत्री नायडू के साथ विजयवाड़ा उत्सव 2.0 कार्यक्रम में भी शामिल हुए। दोनों राज्यों के बीच यह उच्च-स्तरीय संपर्क दक्षिण भारत के पड़ोसी राज्यों के सांस्कृतिक और प्रशासनिक सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जल आपूर्ति के मुद्दे पर किसी ठोस समझौते की संभावना पर सभी की नज़रें टिकी हैं।