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तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान 865 करोड़ रुपए की सामग्री जब्त

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तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान 865 करोड़ रुपए की सामग्री जब्त

सारांश

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान प्रवर्तन एजेंसियों ने 865 करोड़ रुपए से अधिक की सामग्री जब्त की है। यह आंकड़ा पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे आयोग की सतर्कता स्पष्ट होती है।

मुख्य बातें

865 करोड़ रुपए से अधिक की सामग्री जब्त की गई है।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत मोबाइल ऐप पर दर्ज की जा सकती है।
सभी राज्यों को आदर्श आचार संहिता का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बार की जब्ती पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा आम चुनाव और उपचुनावों के दौरान प्रवर्तन एजेंसियों ने 865 करोड़ रुपए से अधिक की सामग्री जब्त की है।

भारत निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया था। आयोग ने सभी राज्यों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं ताकि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और बिना किसी प्रलोभन के सम्पन्न हो सकें।

चुनाव को स्वच्छ और भयमुक्त बनाने के लिए दोनों राज्यों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पश्चिम बंगाल में 2,728 और तमिलनाडु में 2,283 फ्लाइंग स्क्वाड टीमें लगाई गई हैं। इनका कार्य है कि किसी भी शिकायत पर 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में 3,142 और तमिलनाडु में 2,221 स्थिर निगरानी टीमें भी तैनात की गई हैं, जो अचानक नाकेबंदी और चेकिंग करती हैं।

26 फरवरी 2026 से अब तक की जब्ती का आंकड़ा काफी चौंकाने वाला है। पश्चिम बंगाल में 427 करोड़ रुपए और तमिलनाडु में 438 करोड़ रुपए की कुल सामग्री जब्त की गई है। दोनों राज्यों में मिलाकर 99 करोड़ रुपए नकद, 32 लाख 91 हजार लीटर से ज्यादा शराब, 174 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ, 159 करोड़ रुपए की कीमती धातु और 350 करोड़ रुपए के अन्य मुफ्त उपहार जब्त किए गए हैं। कुल मिलाकर यह राशि 865 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।

निर्वाचन आयोग ने सभी प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जांच और छापेमारी के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। अगर किसी को कोई दिक्कत हो तो इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत समितियां भी बनाई गई हैं।

आम नागरिक और राजनीतिक दल अब मोबाइल ऐप के जरिए आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते हैं।

चुनाव आयोग का मानना है कि इन सख्त कदमों से चुनावी प्रक्रिया को स्वच्छ और निष्पक्ष बनाया जा सकेगा। दोनों राज्यों में चुनावी जब्ती की यह राशि पिछले कई चुनावों की तुलना में काफी ज्यादा है, जो दिखाता है कि इस बार आयोग और सुरक्षा एजेंसियां बहुत सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मतदाता के विश्वास को भी मजबूत करेगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितनी राशि की सामग्री जब्त की गई है?
865 करोड़ रुपए से अधिक की सामग्री जब्त की गई है।
कब से जब्ती का आंकड़ा शुरू हुआ?
26 फरवरी 2026 से जब्ती का आंकड़ा शुरू हुआ है।
क्या कार्रवाई की गई है?
प्रवर्तन एजेंसियों ने शिकायतों पर 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की है।
आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कैसे करें?
मोबाइल ऐप के जरिए आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत आसानी से की जा सकती है।
क्या चुनाव निष्पक्ष होंगे?
हां, आयोग के सख्त कदमों से चुनाव निष्पक्ष और स्वच्छ बनाए जा सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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