क्या तेजस्वी के मतदाता सूची में 'नाम नहीं होने' का दावा सही है?

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क्या तेजस्वी के मतदाता सूची में 'नाम नहीं होने' का दावा सही है?

सारांश

पटना जिला प्रशासन ने तेजस्वी यादव के मतदाता सूची से नाम गायब होने के दावे को नकारते हुए स्पष्ट किया है कि उनका नाम सूची में है। क्या यह राजनीति का नया खेल है? जानिए पूरी जानकारी इस लेख में।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव का नाम मतदाता सूची में है।
पटना जिला प्रशासन ने प्रारूप जारी किया है।
जदयू ने तेजस्वी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम बात है।
सत्यता की पुष्टि आवश्यक है।

पटना, 2 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से उनका नाम गायब है। इस पर पटना जिला प्रशासन ने इसे सिरे से नकारते हुए कहा कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में मौजूद है। प्रशासन ने मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया है, जिसमें उनका नाम स्पष्ट रूप से दिख रहा है।

दरअसल, राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब है, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने में कठिनाई होगी। तेजस्वी ने प्रश्न उठाया कि कैसे वे चुनाव लड़ पाएंगे जब उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है?

तेजस्वी के इस दावे पर पटना जिला प्रशासन ने मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया है, जिसमें उनकी फोटो, नाम, उम्र, पिता का नाम और मकान संख्या अंकित है। प्रशासन ने कहा, "कुछ समाचार माध्यमों से यह ज्ञात हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है। इस बारे में जिला प्रशासन ने जांच की और स्पष्ट हुआ कि उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में है। वर्तमान में उनका नाम मतदान केन्द्र संख्या 204, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पुस्तकालय भवन में क्रम संख्या 416 पर अंकित है। पहले उनका नाम मतदान केन्द्र संख्या 171, क्रम संख्या 481 पर दर्ज था।"

इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने मतदाता सूची का प्रारूप भी जारी किया है। वहीं, जदयू ने भी तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला किया। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को राजनीति का फरेबी बताते हुए कहा कि वे राजनीति के जालसाज हैं। तेजस्वी का कहना था कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में उनका नाम नहीं है, लेकिन यह झूठ है।

नीरज कुमार ने आगे कहा कि सच यह है कि उनका नाम मतदाता सूची में है, जिसमें उनके नाम के साथ मकान संख्या 110, उम्र 36 दर्ज है। उन्होंने तेजस्वी यादव को राजनीति का फरेबी बताया और कहा कि यह लोग आरोप लगाते हैं और अपनी गलतियों को दूसरों पर डालते हैं। तेजस्वी को माफी मांगनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति न बने।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या तेजस्वी यादव का नाम सच में मतदाता सूची में नहीं था?
पटना जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तेजस्वी यादव का नाम मतदाता सूची में है।
जदयू ने तेजस्वी यादव पर क्या आरोप लगाए?
जदयू ने तेजस्वी यादव को राजनीति का फरेबी और जालसाज बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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