तेलंगाना मंत्री सीतक्का ने केसीआर को भेजा कानूनी नोटिस, आंगनवाड़ी फोन खरीद विवाद में उठे सवाल
सारांश
Key Takeaways
- सीतक्का ने कानूनी नोटिस भेजा है।
- आंगनवाड़ी फोन खरीद मामले में आरोप लगाए गए हैं।
- केसीआर से माफी मांगने की मांग की गई है।
- यदि कार्रवाई नहीं होती, तो कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
- मामला राजनीतिक संघर्ष को दर्शाता है।
हैदराबाद, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना की पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री दानसारी अनसूया सीताक्का ने पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव को एक कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस आंगनवाड़ियों के लिए मोबाइल फोन खरीदने के मामले में पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर भेजा गया है।
मंत्री ने मांग की है कि के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) बीआरएस के सोशल मीडिया पोस्ट्स की जिम्मेदारी लें, उन्हें हटा दें और 48 घंटों के भीतर माफी मांगें। नोटिस में कहा गया है कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ दीवानी और फौजदारी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी नोटिस में कहा गया है कि बीआरएस के अध्यक्ष के रूप में केसीआर पार्टी की सभी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार हैं, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट, प्रेस रिलीज, विज्ञापन आदि शामिल हैं।
मंत्री के वकील ने कहा कि 10 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखकर उन्हें हैरानी हुई, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि सीताक्का ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए गए फोन भी नहीं छोड़े। पोस्ट के अनुसार, आंगनवाड़ी को दिए गए फोन की कीमत केवल 8,499 रुपए है, लेकिन सीताक्का ने इसे 14,499 रुपए बताया और 30 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया।
नोटिस में उन सोशल मीडिया हैंडल्स की जानकारी दी गई है, जिन पर यह पोस्ट किया गया था। आरोप है कि केसीआर मंत्री को बदनाम करने के लिए एक सुनियोजित अभियान चला रहे हैं।
सीतक्का ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मोबाइल फोन की खरीद से उनका कोई संबंध नहीं है। नोटिस के अनुसार, यह तेलंगाना टेक्नोलॉजी सर्विसेज लिमिटेड है जिसने बोलियां आमंत्रित कीं और ठेका दिया। नोटिस में कहा गया है कि मेरी मुवक्किल टेंडर मूल्यांकन समिति की सदस्य नहीं हैं, इसलिए ठेका देने में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
यह बताते हुए कि टेंडर की कुल राशि 44 करोड़ रुपए थी, उन्होंने 30 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप को झूठा और बेतुका बताया।
सीतक्का ने इन आरोपों को मानहानिकारक बताया और कहा कि ये अपने आप में मानहानि हैं।
उन्होंने केसीआर से अनुरोध किया कि वे ‘फेसबुक’ और ‘एक्स’ पर किए गए सोशल मीडिया पोस्ट्स को हटा दें, और साथ ही इन्हीं प्लेटफॉर्म्स पर तथा तेलुगू दैनिक ‘नमस्ते तेलंगाना’ के माध्यम से माफी भी प्रकाशित करें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो उन्हें उचित कानूनी कार्रवाई (दीवानी और फौजदारी, दोनों) शुरू करने के लिए विवश होना पड़ेगा।