हैदराबाद के गोपनपल्ली में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने फांसी लगाई, दो सड़क हादसों में चार और मौतें
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के गोपनपल्ली इलाके में रविवार, 8 नवंबर 2026 को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने कथित तौर पर अपने फ्लैट में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। यह घटना गाचीबौली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जयभेरी अपार्टमेंट्स में हुई। उसी दिन शहर के बाहरी इलाकों में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में चार अन्य लोगों की भी जान चली गई।
आत्महत्या की घटना: क्या हुआ
पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह 8:40 बजे सूचना मिली कि गोपनपल्ली स्थित जयभेरी अपार्टमेंट्स के एक फ्लैट में तीन लोगों ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
मृतकों की पहचान 65 वर्षीय बत्तुला मारेड्डी, उनकी 60 वर्षीय पत्नी भारती और उनके 38 वर्षीय बेटे निशांत रेड्डी के रूप में की गई है। तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल भेजा गया।
पुलिस की जांच और संभावित कारण
पुलिस को कथित तौर पर शक है कि पारिवारिक समस्याओं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते तीनों ने यह कदम उठाया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। गौरतलब है कि अभी तक कोई सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
आउटर रिंग रोड पर सड़क हादसे में तीन मजदूरों की मौत
उसी दिन आउटर रिंग रोड (ORR) के पास राजेंद्रनगर स्थित तेलंगाना पुलिस अकादमी के नजदीक एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। एक ऑटो रिक्शा, जो शमशाबाद क्षेत्र से मोइनाबाद जा रहा था और जिसमें 17 पेंटिंग मजदूर सवार थे, वह ORR के निकास मार्ग के पास एक डीसीएम वाहन से टकरा गया।
इस हादसे में सुरेश, वेंकैया और लिंगराज शेट्टी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल भेजा गया और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बाचुपल्ली में बाइक दुर्घटना, इंजीनियरिंग छात्र की मौत
एक अन्य हादसे में बाचुपल्ली फ्लाईओवर पर एक बाइक डिवाइडर से टकरा गई। बाइक चला रहे इंजीनियरिंग छात्र सूर्या की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी एक युवती घायल हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
आम जनता पर असर और आगे की स्थिति
एक ही दिन में हैदराबाद में इन तीन अलग-अलग घटनाओं में कुल सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है। ORR पर हादसे ने एक बार फिर बड़ी संख्या में मजदूरों को ऑटो रिक्शा जैसे छोटे वाहनों में बैठाकर ले जाने की असुरक्षित प्रथा को उजागर किया है, जिस पर अधिकारियों का ध्यान जाना ज़रूरी है।