21 अक्टूबर 2026
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: दिल्ली पुलिस ने 4 गिरफ्तार, सोनीपत से मुंबई तक हथियार सप्लाई का भंडाफोड़

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: दिल्ली पुलिस ने 4 गिरफ्तार, सोनीपत से मुंबई तक हथियार सप्लाई का भंडाफोड़

सारांश

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में सोनीपत-मुंबई हथियार सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर अमृतसर से हथियार लेकर मुंबई पहुँचाने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार — दो महिलाएँ, दो पुरुष। मामला रणदीप मलिक गैंग से भी जुड़ा है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 21 अक्टूबर 2026 को टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में 4 आरोपी — कुणाल, सुमित, राधा और बबीता — गिरफ्तार किए।
मुख्य आरोपी कुणाल गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर मुंबई पहुँचा था।
हथियार 17 अक्टूबर, सुबह 11 बजे मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन के पास एक नाबालिग को सौंपे गए, ऐसा आरोप है।
कुणाल को कथित तौर पर ₹70,000–₹80,000 मिले; बबीता को कूरियर के रूप में ₹10,000–₹12,000 दिए गए।
अनिल पंडित और हैरी बॉक्सर का नाम रणदीप मलिक गैंग से जोड़ा गया है, जो जबरन वसूली और गोलीबारी में कथित रूप से सक्रिय है।
सभी चारों आरोपियों को आगे की जाँच के लिए मुंबई पुलिस के हवाले किया गया।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 21 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना के सिलसिले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएँ — राधा और बबीता — तथा दो पुरुष — कुणाल और सुमित — शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये चारों आरोपी हरियाणा के सोनीपत से मुंबई तक हथियारों की सप्लाई करने और उन्हें संबंधित व्यक्ति तक पहुँचाने में सहयोग देने के आरोपी हैं। गिरफ्तारी के बाद सभी को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि नई दिल्ली रेंज की एक टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को दबोचा। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी कुणाल सोनीपत का निवासी है और वह गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर काम कर रहा था। कुणाल ने अपने साथी सुमित के साथ अमृतसर जाकर एक तय स्थान से एक पिस्तौल और 20 कारतूस हासिल किए थे।

डीसीपी के अनुसार, आरोपी 15 अक्टूबर को रवाना हुए और 17 अक्टूबर की सुबह मुंबई पहुँचे। 17 अक्टूबर को करीब सुबह 11 बजे राधा और बबीता ने मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन के समीप एक नाबालिग लड़के को हथियार सौंपे, ऐसा आरोप है।

हथियार तस्करी का नेटवर्क

जाँच के अनुसार, कुणाल को हथियार एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने के बदले कथित तौर पर ₹70,000 से ₹80,000 की राशि मिली थी। इसमें से ₹10,000 से ₹12,000 बबीता को 'कूरियर' के रूप में काम करने के लिए दिए गए थे। कुणाल ने राधा के साथ अपने निजी संबंधों का फायदा उठाकर उसे इस काम में शामिल किया, यह आरोप भी जाँच में सामने आया है।

डीसीपी त्रिपाठी के अनुसार, चारों आरोपी इस काम के सिलसिले में पिछले दो से तीन सप्ताह के भीतर एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। कुणाल और सुमित सोनीपत के निवासी हैं, जबकि राधा और बबीता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की हैं और सोनीपत में रहकर काम करती थीं।

गैंगस्टर अनिल पंडित से कनेक्शन

डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि कुणाल और गैंगस्टर अनिल पंडित एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों और सोशल मीडिया के ज़रिए संपर्क में थे। इन्हीं माध्यमों से कुणाल को यह निर्देश मिलते थे कि हथियार कहाँ से लेने हैं, मुंबई कैसे पहुँचाने हैं और वहाँ किसे सौंपने हैं।

गौरतलब है कि अनिल पंडित और हैरी बॉक्सर का नाम रणदीप मलिक गैंग से जोड़ा जाता है, जो कथित तौर पर हाल के महीनों में जबरन वसूली के लिए फोन करने और गोलीबारी की घटनाओं में सक्रिय रहा है। पुलिस के अनुसार, कुणाल पहले भी अनिल पंडित के निर्देश पर पानीपत में हुई एक गोलीबारी की घटना में शामिल था।

आगे की जाँच

मुंबई पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सप्लाई किए गए हथियारों में से किसी का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग में किया गया था या नहीं। यह मामला संगठित अपराध नेटवर्क और बॉलीवुड हस्तियों को निशाना बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक अहम कड़ी बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में किन्हें गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने इस मामले में चार आरोपियों — कुणाल, सुमित, राधा और बबीता — को गिरफ्तार किया है। इनमें से कुणाल और सुमित सोनीपत के हैं, जबकि राधा और बबीता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं।
गैंगस्टर अनिल पंडित इस मामले से कैसे जुड़ा है?
जाँच के अनुसार, मुख्य आरोपी कुणाल गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर काम कर रहा था। दोनों एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों और सोशल मीडिया के ज़रिए संपर्क में थे, जिनके ज़रिए हथियार लाने, मुंबई पहुँचाने और सौंपने के निर्देश मिलते थे।
हथियार सोनीपत से मुंबई कैसे पहुँचाए गए?
आरोप है कि कुणाल और सुमित 15 अक्टूबर को रवाना हुए और अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस हासिल किए। इसके बाद राधा की मदद से 17 अक्टूबर की सुबह मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन के पास एक नाबालिग को हथियार सौंपे गए।
रणदीप मलिक गैंग क्या है और इससे क्या संबंध है?
रणदीप मलिक गैंग कथित तौर पर हाल के समय में जबरन वसूली के लिए फोन करने और गोलीबारी की घटनाओं में सक्रिय रहा है। गैंगस्टर अनिल पंडित और हैरी बॉक्सर का नाम इसी गैंग से जोड़ा जाता है, और मुख्य आरोपी कुणाल इस नेटवर्क से जुड़े निर्देशों का पालन कर रहा था।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
चारों आरोपियों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जो अब यह जाँच कर रही है कि सप्लाई किए गए हथियारों का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग में हुआ था या नहीं। जाँच का दायरा अनिल पंडित के पूरे नेटवर्क तक विस्तारित हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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