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क्या स्नान से पहले तिल के तेल की मालिश से त्वचा में निखार आ सकता है?

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क्या स्नान से पहले तिल के तेल की मालिश से त्वचा में निखार आ सकता है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि स्नान से पहले तिल के तेल की मालिश आपकी त्वचा को न केवल निखार सकती है, बल्कि आपकी सेहत में भी सुधार ला सकती है? जानें इस प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति के फायदों के बारे में।

मुख्य बातें

तिल का तेल त्वचा को नमी प्रदान करता है।
यह रक्त प्रवाह को बढ़ाता है।
नियमित मालिश से तनाव कम होता है।
सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए फायदेमंद है।
आयुर्वेद में यह एक महत्वपूर्ण पद्धति है।

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ठंड के मौसम में त्वचा अक्सर शुष्क हो जाती है और रूखापन बढ़ता है। ऐसे में आयुर्वेद स्नान से पहले तिल के तेल से हल्की मालिश करने की सलाह देता है। यह न केवल त्वचा को नमी प्रदान करता है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और तन-मन दोनों को तरोताजा रखता है।

आयुर्वेद स्नान से पहले तिल के तेल से शरीर की मालिश को महत्वपूर्ण बताते हुए इसे दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देता है। स्नान से पहले तिल के तेल से हल्की मालिश करने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। यह प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति न केवल त्वचा को पोषण देती है, बल्कि रक्त संचार को बेहतर बनाती है और प्राकृतिक चमक लाती है।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी इस आयुर्वेदिक पद्धति को बेहद फायदेमंद बताता है। तिल का तेल आयुर्वेद में 'स्नेहन' के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। स्नान से पहले इस तेल से पूरे शरीर पर हल्के हाथों से मालिश करने से त्वचा की नमी बनी रहती है, रूखापन दूर होता है और ठंड के मौसम में होने वाली समस्याओं से राहत मिलती है। यह प्रक्रिया, जिसे अभ्यंग कहा जाता है, शरीर को तरोताजा रखती है और मन को शांति प्रदान करती है।

आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि तिल का तेल एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन ई और आवश्यक फैटी एसिड से भरपूर होता है। हल्की मालिश से यह तेल त्वचा में गहराई तक प्रवेश करता है, जिससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। सर्दियों में यह विशेष रूप से फायदेमंद है क्योंकि ठंडी हवा त्वचा को शुष्क बना देती है।

नियमित मालिश से जोड़ों का दर्द, थकान और तनाव कम होता है। इसके अलावा, यह मालिश इम्यूनिटी को बूस्ट करती है और वात दोष को संतुलित रखती है। आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि तिल का तेल बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सुरक्षित और प्रभावी होता है। मालिश के बाद गुनगुने पानी से स्नान करने से तेल के गुण शरीर में अच्छी तरह अवशोषित हो जाते हैं, जिससे त्वचा मुलायम और चमकदार बनती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना 10-15 मिनट की यह मालिश दिनचर्या का हिस्सा बननी चाहिए। तेल को हल्का गुनगुना करके लगाएं और सर्कुलर मोशन में मालिश करें। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारता है, बल्कि मानसिक स्फूर्ति भी देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह शरीर और मन को भी ताजगी प्रदान करता है। इसे नियमित रूप से अपनाना चाहिए, विशेष रूप से सर्दियों में।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिल के तेल से मालिश करने के क्या फायदे हैं?
तिल के तेल से मालिश करने से त्वचा को नमी मिलती है, रक्त संचार बेहतर होता है और थकान कम होती है।
क्या यह बच्चों के लिए सुरक्षित है?
हां, आयुर्वेद के अनुसार, तिल का तेल बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सुरक्षित है।
मालिश के बाद स्नान करने का क्या महत्व है?
मालिश के बाद गुनगुने पानी से स्नान करने से तेल के गुण त्वचा में अच्छी तरह अवशोषित होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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