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टीएमसी ने चुनाव आयोग में भाजपा उम्मीदवार पर रिश्वत देने का आरोप लगाया

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टीएमसी ने चुनाव आयोग में भाजपा उम्मीदवार पर रिश्वत देने का आरोप लगाया

सारांश

टीएमसी ने भाजपा उम्मीदवार दिपांजन चक्रवर्ती पर मतदाताओं को रिश्वत देने का गंभीर आरोप लगाया है। जानें इस विवाद में क्या है खास।

मुख्य बातें

टीएमसी ने चुनाव आयोग में शिकायत की है।
भाजपा पर रिश्वत देने का आरोप है।
आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
वीडियो सबूत भी मौजूद हैं।
यह मामला भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार का संकेत है।

हुगली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने हुगली जिले की उत्तरपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार दिपांजन चक्रवर्ती के खिलाफ चुनाव आयोग में एक शिकायत दर्ज की है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा ने हाल ही में शुरू किए गए "मातृ शक्ति भरोसा कार्ड" के माध्यम से मतदाताओं को रिश्वत देने का प्रयास किया है।

टीएमसी ने भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन आयुक्त, डीईओ हुगली और सामान्य पर्यवेक्षक को संबोधित करते हुए एक पत्र भेजकर अपनी शिकायत की है। पत्र में टीएमसी ने उल्लेख किया है, "हमें सूचना मिली है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तरपारा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बने दिपांजन चक्रवर्ती और उनके सहयोगी मतदाताओं से एक फॉर्म भरवाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे 'मातृशक्ति भरोसा कार्ड' कहा जा रहा है, जिसमें 3000 रुपये मासिक भत्ता देने का वादा किया जा रहा है। यह भ्रष्ट प्रथा भाजपा और उनके उम्मीदवार द्वारा मुख्य रूप से उत्तरपारा के पंचायत क्षेत्रों में अपनाई जा रही है।"

टीएमसी ने आगे कहा, "मतदाताओं की व्यक्तिगत जानकारी को इस वादे के साथ एकत्र करना कि सत्ता में आने पर पार्टी उन्हें 3000 रुपये मासिक भत्ता देगी, यह अवैध, अनैतिक और भारतीय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत परिभाषित भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। इसी कारण भाजपा उम्मीदवार की उम्मीदवारी को रद्द किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ उचित आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।"

इससे पहले, 17 अप्रैल को टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए थे। पत्र में यह दावा किया गया था कि चुनाव आयोग द्वारा जारी 'फोर्स डिप्लॉयमेंट इन इलेक्शंस मैनुअल, 2023' का उल्लंघन किया गया है।

एक वीडियो के आधार पर यह शिकायत की गई थी, जिसमें कुछ लोग यह दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि सीआरपीएफ के जवान भाजपा उम्मीदवारों के साथ घूम रहे थे, भाजपा के पर्चे बांट रहे थे और मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि यह व्यवहार कथित रूप से आपराधिक धमकी और चुनावी प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव डालने के तहत अपराध है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि इस तरह की गतिविधियाँ मतदाताओं में डर का माहौल उत्पन्न करती हैं और स्वतंत्र मतदान के अधिकार को प्रभावित करती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएमसी ने चुनाव आयोग को क्या शिकायत की?
टीएमसी ने भाजपा उम्मीदवार दिपांजन चक्रवर्ती पर मतदाताओं को रिश्वत देने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को शिकायत की है।
मातृ शक्ति भरोसा कार्ड क्या है?
यह एक फॉर्म है जिसके जरिए भाजपा उम्मीदवार मतदाताओं को 3000 रुपये मासिक भत्ता देने का वादा कर रहे हैं।
क्या टीएमसी के आरोप सही हैं?
टीएमसी के आरोप गंभीर हैं और इसकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो भाजपा उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
क्या चुनावी प्रक्रिया में इस तरह के आरोप आम हैं?
हां, चुनावी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और मतदाता प्रभावित करने के आरोप अक्सर लगते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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