क्या त्रिपुरा में कड़ाके की ठंड के कारण सभी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे?
सारांश
Key Takeaways
अगरतला, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा में भीषण शीतलहर को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी विद्यालयों को 10 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया है। यह जानकारी अधिकारियों ने सोमवार को दी।
मुख्यमंत्री माणिक साहा, जिनके पास प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग का कार्यभार भी है, ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बताया कि अत्यधिक ठंड को ध्यान में रखते हुए 6 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी स्कूल (सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी) बंद रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि शीतकालीन अवकाश की स्थिति का आकलन कर मौसम की परिस्थितियों के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की विशेष बुलेटिन के बाद लिया गया है, जिसमें राज्य के कई हिस्सों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है।
शिक्षा (स्कूल) विभाग के अतिरिक्त सचिव राजीब दत्ता द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्यभर में जारी अत्यधिक ठंड को देखते हुए किंडरगार्टन से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूल 6 से 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों तक यह आदेश पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
त्रिपुरा में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक कुल 4,915 स्कूल हैं, जिनमें लगभग 6.80 लाख छात्र नामांकित हैं।
आईएमडी के अनुसार, राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से 3 से 4 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने कहा है कि शीतलहर की स्थिति 10 जनवरी तक बनी रहने की संभावना है।
इससे पहले त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) ने भी अपने अधीन सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने की घोषणा की थी। टीटीएएडीसी शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, परिषद क्षेत्र के सभी स्कूल 3 जनवरी से 13 जनवरी तक बंद रहेंगे। हालांकि, कक्षा 10 और 12 की प्रायोगिक परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।
इस फैसले से विशेषकर छोटे बच्चों के अभिभावकों को राहत मिली है। अभिभावकों का कहना है कि सुबह के समय कड़ाके की ठंड और तेज हवाओं के कारण बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो गया था, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई थी।