जम्मू-कश्मीर में दो सड़क हादसे: मुर्तजा भट और फरीदा अख्तर की मौत, दो घायल
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सड़क दुर्घटनाओं की दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की जान चली गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, दोनों हादसे बारामूला और अनंतनाग जिलों में हुए।
पट्टन में डंपर-लोड कैरियर टक्कर
बारामूला जिले के पट्टन इलाके में हैदरबेग के पास 10 सेक्टर के निकट एक डंपर ट्रक और लोड कैरियर वाहन की आमने-सामने टक्कर हो गई। लोड कैरियर को अनंतनाग जिले के बिजबेहरा निवासी मुर्तजा शब्बीर भट चला रहे थे। डंपर की टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि मुर्तजा और उनके पिता शब्बीर अहमद भट दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों को तत्काल ट्रॉमा हॉस्पिटल पट्टन ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने मुर्तजा भट को मृत घोषित कर दिया। उनके पिता शब्बीर अहमद भट को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर के झेलम वैली कॉलेज हॉस्पिटल रेफर किया गया है। पुलिस पोस्ट पलहलन ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
अनंतनाग में कार-मोटरसाइकिल की टक्कर में महिला की मौत
इसी दिन अनंतनाग जिले के फुर्राह मीर बाजार इलाके में एक कार ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी। इस हादसे में मोटरसाइकिल पर सवार महिला फरीदा अख्तर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद अल्ताफ भट गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जम्मू-कश्मीर में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सड़क दुर्घटनाएँ सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस केंद्र शासित प्रदेश में आबादी के अनुपात में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में कुल दुर्घटनाओं की संख्या में मामूली कमी आई और यह 5,318 रही, परंतु इन हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 984 हो गई — यह दर्शाता है कि घटनाओं की गंभीरता बढ़ रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की पहाड़ी और संकरी सड़कों पर भारी वाहनों का परिचालन एक बड़ा जोखिम है। कथित तौर पर ओवरलोडिंग, तेज़ रफ्तार और सड़कों की जर्जर हालत दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण बताए जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब प्रशासन सड़क सुरक्षा अभियानों की बात करता रहा है।
आगे क्या होगा
दोनों मामलों में पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। शब्बीर अहमद भट का इलाज झेलम वैली कॉलेज हॉस्पिटल, श्रीनगर में जारी है। आलोचकों का कहना है कि जब तक भारी वाहनों की जाँच और सड़क रखरखाव में ठोस सुधार नहीं होते, इस तरह की त्रासदियाँ रुकना मुश्किल है।