जम्मू-कश्मीर: सड़क दुर्घटनाओं में पुंछ कॉलेज की सहायक प्रोफेसर समेत दो की जान गई

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जम्मू-कश्मीर: सड़क दुर्घटनाओं में पुंछ कॉलेज की सहायक प्रोफेसर समेत दो की जान गई

सारांश

जम्मू-कश्मीर में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान दो लोगों की मौत हो गई, जिसमें पुंछ कॉलेज की सहायक प्रोफेसर भी शामिल हैं। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए एक चेतावनी है, जो सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाती है।

मुख्य बातें

सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, खासकर जम्मू-कश्मीर में।
तेज गति और असुरक्षित सड़कें प्रमुख कारण हैं।
स्थानीय प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के लिए कदम उठाने का निर्णय लिया है।
घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
पुलिस जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।

श्रीनगर/जम्मू, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो व्यक्तियों की जान गई और पांच अन्य घायल हुए।

राजौरी जिले के कल्लर क्षेत्र में एक हादसे में पुंछ डिग्री कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ. तबस्सुम नाज की मृत्यु हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

यह घटना तब घटी जब राजौरी से पुंछ जा रही उनकी कार चालक के नियंत्रण से बाहर होकर सड़क से फिसल गई।

स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य करते हुए घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। प्रोफेसर तबस्सुम नाज ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि उनके पति हमीद की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है।

गांदरбал जिले के रेल गुंड में एक और दुर्घटना में, लद्दाख के कारगिल जिले के एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए। घायलों में महाराष्ट्र के दो पर्यटक और लद्दाख के दो नागरिक शामिल हैं।

यह हादसा दो वाहनों के आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ।

इससे पहले, जनवरी में पहाड़ी डोडा जिले में एक भयंकर सड़क दुर्घटना में कम से कम दस सैनिकों की जान गई और ११ अन्य घायल हुए थे। भदेरवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़क पर खानी टॉप पर वाहन सड़क से फिसलकर एक गहरी खाई में गिर गया।

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों जैसे पुंछ, राजौरी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है, क्योंकि यहां की सड़कें ढलानदार और घुमावदार हैं।

तेज गति से वाहन चलाना, वाहनों में अधिक भार डालना, सड़क पर असंयम और असुरक्षित सड़कें जम्मू-कश्मीर में सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारण माने जाते हैं। यातायात विभाग ने नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए विशेष दल नियुक्त किए हैं।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) ने विस्तृत निर्देश जारी किए हैं, जो मीडिया में भी प्रकाशित किए गए हैं। इनमें यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए दंड का विवरण शामिल है। तेज गति से गाड़ी चलाने और लापरवाही से वाहन चलाने के मामलों में, अधिकारी ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द कर देते हैं और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर माता-पिता को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण क्या है?
जम्मू-कश्मीर में सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण तेज गति से वाहन चलाना, असुरक्षित सड़कें और वाहनों में अधिक भार डालना है।
क्या प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाए हैं?
हाँ, यातायात विभाग ने विशेष जांच दलों का गठन किया है और यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए सख्त दंड लागू करने की योजना बनाई है।
क्या हादसे में घायल लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिली?
हाँ, स्थानीय लोगों ने घायल व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।
क्या पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू की है?
जी हाँ, पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
क्या सड़क दुर्घटनाएं जम्मू-कश्मीर में आम हैं?
हाँ, जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में सड़क दुर्घटनाएं आम हैं, विशेषकर ढलानदार और घुमावदार सड़कों पर।
राष्ट्र प्रेस