यूएई ने एयरस्पेस पाबंदियाँ हटाईं, भारत-खाड़ी रूट पर उड़ानें फिर सामान्य
सारांश
Key Takeaways
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने हवाई क्षेत्र में लगाई गई सभी अस्थायी पाबंदियाँ 3 मई 2026 को हटा लीं और विमान परिचालन को पूर्णतः सामान्य घोषित कर दिया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि इस कदम से भारतीय और यूएई की एयरलाइनें भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए पहले की तुलना में अधिक उड़ानें संचालित कर सकेंगी। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के बाद क्षेत्रीय विमान परिचालन की धीरे-धीरे बहाली का संकेत देता है।
खाड़ी देशों में एयरस्पेस की मौजूदा स्थिति
सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के गंतव्यों के लिए उड़ानें सुचारू रूप से जारी हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है, जहाँ से एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और कतर एयरवेज भारत के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं।
कुवैत का एयरस्पेस पूरी तरह खुला है और जजीरा एयरवेज तथा कुवैत एयरवेज वहाँ से भारत के लिए नियमित उड़ानें भर रही हैं। इसी प्रकार बहरीन का हवाई क्षेत्र भी खुला है, जहाँ से एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और गल्फ एयर भारत के विभिन्न गंतव्यों को जोड़ रही हैं।
इराक, ईरान और इज़रायल की स्थिति
इराक का हवाई क्षेत्र सीमित उड़ानों के लिए खुला है, जो क्षेत्रीय गंतव्यों तक जाती हैं और जिनका उपयोग भारत पहुँचने के लिए किया जा सकता है। ईरान का हवाई क्षेत्र केवल मालवाहक और चार्टर्ड उड़ानों के लिए आंशिक रूप से खुला है।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास अब तक 2,504 भारतीय नागरिकों को जमीनी सीमा मार्गों के माध्यम से ईरान से सुरक्षित बाहर निकालने में सहायता कर चुका है। वहाँ पहले से मौजूद भारतीयों से दूतावास के सहयोग से जमीनी सीमा मार्गों का उपयोग करने का आग्रह किया गया है।
इज़रायल का हवाई क्षेत्र खुला है और क्षेत्रीय गंतव्यों के लिए सीमित उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं, जिनका उपयोग भारत आने के लिए किया जा सकता है।
MEA की निगरानी और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नज़र बनाए हुए है। मंत्रालय का विशेष ध्यान क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर है। गौरतलब है कि खाड़ी देशों में लगभग 90 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिससे यह क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक और मानवीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा
यूएई के एयरस्पेस के पूर्णतः खुलने से भारत-खाड़ी रूट पर उड़ानों की संख्या और आवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि क्षेत्र में कार्गो और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति देगा। मध्य पूर्व में स्थिति के और स्थिर होने के साथ शेष देशों के एयरस्पेस के भी पूर्ण रूप से खुलने की उम्मीद है।