27 जुलाई 2026
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उदय भानु की मां ने प्रदर्शन को बताया लोकतांत्रिक अधिकार, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने देश को किया शर्मिंदा

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उदय भानु की मां ने प्रदर्शन को बताया लोकतांत्रिक अधिकार, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने देश को किया शर्मिंदा

सारांश

दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन ने हलचल मचाई। कांग्रेस ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उदय भानु चिब की मां ने इस प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया। पढ़ें उनकी संवेदनशील प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है।
सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठना चाहिए।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी का मामला गंभीर है।
कांग्रेस ने हमेशा नागरिक आवाज़ों का समर्थन किया है।
रजनीबाला ने अपने बेटे के समर्थन में जोरदार प्रतिक्रिया दी।

नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन ने दिल्ली में हलचल मचा दी है। इसी संदर्भ में पटियाला कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने सत्ताधारी एनडीए सरकार पर तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच, उदय भानु चिब की मां रजनीबाला ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

रजनीबाला ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "उदय भानु चिब को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने प्रदर्शन को साजिश करार दिया है, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा है कि विरोध करना कब से साजिश बन गया। संविधान हमें यह अधिकार देता है कि जब सरकार गलत करे, तो हम आवाज उठाएं।"

उदय भानु के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस के नेता एकजुट होकर विचार-विमर्श करते हैं और प्रदर्शन करते हैं। रजनीबाला ने कहा कि यह अज्ञात है कि सरकार ने इस घटना को क्यों गंभीरता से लिया।

उन्होंने यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री द्वारा कांग्रेस को "निरस्त्र" करने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "एआई समिट के एक दिन पहले, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चाइना के रोबोट को अपनी खोज बताकर देश को शर्मिंदा किया। कई सरकारी लोग उस यूनिवर्सिटी के प्रति मेहरबान हैं। यूनिवर्सिटी ने भारत का नाम पूरी दुनिया में बदनाम किया है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"

रजनीबाला ने यह भी कहा, "कांग्रेस का इतिहास है कि लोग 10 साल तक जेल में रहे हैं। कांग्रेस नेताओं की बड़ी कुर्बानियों के बाद देश को आजादी मिली। 11 साल पहले देश में काफी प्रदर्शन होते थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने कभी भी प्रदर्शन को दबाने का काम नहीं किया। हमारे देश में लोकतंत्र है और सभी को बोलने की स्वतंत्रता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह स्पष्ट है कि प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि, सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई पर सवाल उठते हैं। यह घटना न केवल कांग्रेस और एनडीए के बीच की राजनीतिक खींचतान को दर्शाती है, बल्कि लोगों की आवाज़ उठाने के हक पर भी सवाल खड़ा करती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदय भानु चिब को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उदय भानु चिब को एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
रजनीबाला ने प्रदर्शन पर क्या कहा?
रजनीबाला ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाया।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी का क्या मामला है?
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चाइना के रोबोट को अपनी खोज बताकर देश को शर्मिंदा किया, जिसे रजनीबाला ने गंभीरता से लिया।
क्या प्रदर्शन करना संविधानिक अधिकार है?
जी हां, संविधान के अनुसार विरोध करना नागरिकों का अधिकार है।
कांग्रेस का इतिहास प्रदर्शन को लेकर क्या है?
कांग्रेस का इतिहास है कि उसने हमेशा प्रदर्शन को दबाने का काम नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
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