क्या केंद्र सरकार के सहयोग से 70 किसान प्रशिक्षण के लिए रवाना हुए हैं?
सारांश
मुख्य बातें
उधमपुर, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए, उधमपुर जिले के दो ब्लॉकों के 70 किसानों को शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया।
इस पहल का उद्देश तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करना है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र में उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ाना है।
किसानों को रवाना करने का कार्यक्रम उधमपुर के विधायक आरएस पठानिया ने किया, जिन्होंने किसानों की समृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। यह दौरा स्थानीय लोगों को आधुनिक खेती के तरीकों से सुसज्जित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें बीज चयन से लेकर कीट प्रबंधन तक शामिल है।
इस अभियान को प्रधानमंत्री की समग्र कृषि विकास परियोजना का समर्थन प्राप्त है। इस योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है, जिसे अगले पांच वर्षों में पूरा किया जाना है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए डिजाइन की गई यह परियोजना फसल विविधीकरण, सिंचाई उन्नयन और तिलहन जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों के लिए बाजार संपर्क पर जोर देती है।
उधमपुर के मुख्य कृषि अधिकारी हरबंस सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि 70 किसानों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। वहां जाकर वे किसानी के लिए नई तकनीक सीखेंगे। किसान फसलों को उगाने के लिए अच्छी प्रशिक्षण लेने के बाद अच्छी पैदावार कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में जहां भूस्खलन अधिक होता है, वहां हमने किसानों को सरसों के बीज बांटे हैं ताकि खाली पड़ी जमीन पर किसान सरसों की फसल लगाएं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आमदनी को बढ़ाने के लिए हम लगातार जागरूक करने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में फसलों को उगाने, उनकी कमाई बढ़ाने, और कीटनाशक दवाओं के इस्तेमाल के लिए हम किसानों को निरंतर प्रशिक्षण मुहैया करवा रहे हैं। इसी सिलसिले में 70 किसानों का एक समूह प्रशिक्षण लेने के लिए रवाना हुआ है।