क्या उधमपुर में दारसू-7 सेतु ने विकास की नई कड़ी बनाई है?
सारांश
Key Takeaways
- उधमपुर में दारसू-7 सेतु का निर्माण
- स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा और सुविधा
- सेना के लिए बेहतर मूवमेंट
- केंद्र सरकार और बीआरओ का योगदान
- स्थानीय विकास में नया मील का पत्थर
उधमपुर, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) द्वारा दारसू-7 सेतु को राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र में रहने वाले लोगों में खुशी की लहर है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह पुल केवल एक संरचना नहीं, बल्कि उनके लिए सुविधा, सुरक्षा और विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला कदम है। इससे न केवल आम जन की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि सेना और सुरक्षा बलों की गतिविधियों में भी सुधार होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दारसू-7 सेतु का वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इसी दौरान, क्षेत्र के लोगों में भी इसको लेकर उत्साह देखने को मिला। उनका कहना है कि केंद्र सरकार और बीआरओ सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का दिल से आभार व्यक्त किया।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का दिल की गहराइयों से धन्यवाद करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि बीआरओ के माध्यम से उधमपुर जिले में कई पुल और सड़कें बनाई गई हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ी राहत मिली है। पहले जहाँ घंटों का सफर करना पड़ता था, अब वही दूरी कुछ ही मिनटों में तय हो जाती है।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से उन्हें बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भी प्रशंसा की और कहा कि उनके नेतृत्व में जिले की डिफेंस रोड और पुलों को मजबूत किया गया है। खासकर मनवाल, मानसर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को इन पुलों से सीधा लाभ मिला है। अब खराब मौसम में भी संपर्क बना रहता है और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हो गई है।