क्या यूपी एटीएस ने मदरसों की पूरी जानकारी मांगी है?

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क्या यूपी एटीएस ने मदरसों की पूरी जानकारी मांगी है?

सारांश

उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने मदरसों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए सख्त कदम उठाया है। आठ जिलों के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर सभी मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों की डिटेल मांगी गई है। जानें इस कदम का क्या महत्व है?

मुख्य बातें

यूपी एटीएस ने मदरसों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए पत्र भेजा है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह कदम उठाया गया है।
प्रयागराज के मदरसों की जानकारी पहले मांगी गई है।
यह केवल जानकारी का सत्यापन है, कोई छापा नहीं है।
अल्पसंख्यक समुदाय पर दबाव की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है।

लखनऊ, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने मदरसों के संबंध में एक कठोर कदम उठाया है। लखनऊ में स्थित एटीएस मुख्यालय ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में प्रत्येक मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों, पढ़ाने वाले मौलवियों और प्रबंधकों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

हर व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, पूरा पता और मोबाइल नंबर सहित सारी जानकारी जल्द से जल्द भेजने के लिए कहा गया है। विशेष रूप से प्रयागराज जिले के सभी मदरसों की पूरी लिस्ट और विस्तृत जानकारी एटीएस की प्रयागराज यूनिट को सबसे पहले उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाकी सात जिलों की रिपोर्ट भी शीघ्र मुख्यालय को भेजनी होगी।

एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ खुफिया सूचनाएं प्राप्त हुई थीं, जिनमें कुछ मदरसों में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताई गई थी, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकांश मदरसे अच्छा काम कर रहे हैं और यह सिर्फ जानकारी का सत्यापन करने का कार्य है, लेकिन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम मान रहे हैं तो कुछ इसे अल्पसंख्यक समुदाय पर दबाव के रूप में देख रहे हैं।

प्रयागराज के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि उनके विभाग ने सभी मदरसों को नोटिस भेज दिया है और अगले कुछ दिनों में पूरी सूची एटीएस को सौंप दी जाएगी। इसी तरह अन्य जिलों में भी कार्य तेजी से चल रहा है।

एटीएस ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में केवल जानकारी इकट्ठा की जा रही है। यदि आवश्यकता पड़ी तो मौके पर जाकर सत्यापन किया जाएगा। फिलहाल, किसी मदरसे पर कोई छापा या सीधी कार्रवाई नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह नियमित सुरक्षा जांच का हिस्सा है और इससे घबराने की कोई बात नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अन्य इसे अल्पसंख्यक समुदाय पर दबाव के रूप में देख रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यह जानकारी इकट्ठा करने की प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य मदरसों में चल रही गतिविधियों की वास्तविकता को समझना है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एटीएस ने मदरसों से क्या जानकारी मांगी है?
यूपी एटीएस ने मदरसों से बच्चों, शिक्षकों और प्रबंधकों की पूरी जानकारी मांगी है, जिसमें नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, पूरा पता और मोबाइल नंबर शामिल हैं।
क्या यह कदम अल्पसंख्यक समुदाय पर दबाव है?
कुछ लोग इसे दबाव मानते हैं, जबकि अन्य इसे सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम मानते हैं।
क्या एटीएस ने किसी मदरसे पर छापा मारा है?
नहीं, एटीएस ने अभी तक किसी मदरसे पर कोई छापा या सीधी कार्रवाई नहीं की है।
इस कदम का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य मदरसों में चल रही गतिविधियों की वास्तविकता को समझना और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
क्या यह नियमित सुरक्षा जांच का हिस्सा है?
जी हां, यह यूपी सरकार की नियमित सुरक्षा जांच का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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