अभय देओल ने 'देव डी' के बाद एक साल तक शराब के नशे में खोये रहे, मानसिक स्थिति पर पड़ा असर

Click to start listening
अभय देओल ने 'देव डी' के बाद एक साल तक शराब के नशे में खोये रहे, मानसिक स्थिति पर पड़ा असर

सारांश

अभय देओल ने अपनी फिल्म 'देव डी' के प्रभाव में एक साल तक शराब का सेवन किया। इस दौरान उनकी मानसिक स्थिति भी खराब हुई। जानें कैसे यह चरित्र उनके जीवन को प्रभावित किया।

Key Takeaways

  • अभय देओल की फिल्म 'देव डी' ने उन्हें पहचान दिलाई।
  • फिल्म का प्रभाव उनके व्यक्तिगत जीवन पर भी पड़ा।
  • उन्होंने एक साल तक शराब का सेवन किया।
  • अभय का अभिनय कौशल और संघर्ष प्रेरणादायक है।
  • फिल्म 'देव डी' देवदास पर आधारित है।

मुंबई, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा में अक्सर मुख्य पात्रों को साहसी और दूसरों की सहायता करने वाले सभ्य व्यक्तियों के रूप में दिखाई दिया जाता है। लेकिन एक अभिनेता ने इस धारणा को तोड़ते हुए एक ऐसा किरदार प्रस्तुत किया, जो विशिष्ट था, लेकिन गलत नहीं था।

हम बात कर रहे हैं अभय देओल की, जिन्हें उनकी फिल्म 'देव डी' के लिए आज भी याद किया जाता है। इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि दर्शकों के दिलों को भी जीत लिया।

15 मार्च को जन्मे अभय देओल एक फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, फिर भी उन्होंने लाइमलाइट और शोबिज से दूरी बनाकर रखी। उन्होंने स्कूल के दिनों में ही थिएटर में अपनी अभिनय क्षमता को निखारना शुरू कर दिया था। पहले से ही उनके मन में यह विचार था कि वे अभिनय, चित्रकला, दर्शनशास्त्र या पत्रकारिता में से किसी एक क्षेत्र में करियर बनाएंगे, और अंततः उन्होंने अभिनय को चुना। बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके पिता भी पर्दे पर अपनी किस्मत आजमाने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन उन्हें धर्मेंद्र जैसी सफलता नहीं मिली।

अभय ने अपने करियर की शुरुआत इम्तियाज अली की फिल्म 'सोचा न था' से की, इसके बाद वे 'ओए लक्की! लक्की ओए!' में भी नजर आए, लेकिन असली पहचान उन्हें अनुराग कश्यप की 'देव डी' से मिली। इस फिल्म में उनकी अदाकारी को बहुत सराहा गया और फिल्म ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, इस फिल्म का असर उनके व्यक्तिगत जीवन पर भी पड़ा। उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि वे असल ज़िंदगी में 'देव डी' के पात्र देव की तरह जीने लगे थे।

अभय देओल ने एक इंटरव्यू में यह खुलासा किया था कि वे पूरी तरह से नशे में डूबे रहते थे क्योंकि देव का किरदार उनके मन से निकल नहीं रहा था। उन्होंने बताया कि एक साल तक शराब पी, विभिन्न स्थानों पर घूमते रहे, लेकिन फिल्म के किरदार की तरह फटे-पुराने कपड़े नहीं पहने। उस वक्त की कुछ बातें ही उन्हें याद हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि अभिनेता की 'देव डी' शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास 'देवदास' पर आधारित थी। इस फिल्म में केवल अभय देओल ने ही नहीं, बल्कि कई महिला पात्रों ने भी दर्शकों का दिल जीता था।

Point of View

जिसने न केवल फिल्म उद्योग में अपनी पहचान बनाई, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी गहरे प्रभाव का सामना किया। 'देव डी' के बाद उनके नशे की लत ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया, जो कि एक कड़वा सच है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

अभय देओल ने 'देव डी' के बाद क्या किया?
अभय देओल ने 'देव डी' के बाद एक साल तक शराब का सेवन किया और इस समय उनकी मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ा।
'देव डी' फिल्म किस पर आधारित है?
'देव डी' फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास 'देवदास' पर आधारित है।
अभय देओल का करियर कैसे शुरू हुआ?
अभय देओल ने अपने करियर की शुरुआत इम्तियाज अली की फिल्म 'सोचा न था' से की थी।
किस फिल्म ने अभय देओल को असली पहचान दी?
'देव डी' फिल्म ने अभय देओल को असली पहचान दिलाई।
अभय देओल का जन्म कब हुआ?
अभय देओल का जन्म 15 मार्च को हुआ था।
Nation Press