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अभय देओल का चौंकाने वाला खुलासा: 'देव डी' री-रिलीज से पहले कल्कि के सीन में हुआ था यह बड़ा बदलाव

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अभय देओल का चौंकाने वाला खुलासा: 'देव डी' री-रिलीज से पहले कल्कि के सीन में हुआ था यह बड़ा बदलाव

सारांश

फिल्म 'देव डी' की 24 अप्रैल को री-रिलीज से पहले अभय देओल ने खुलासा किया कि कल्कि कोचलिन के एक अहम सीन में उनके सुझाव पर बदलाव किया गया था। निर्देशक अनुराग कश्यप ने इस क्रिएटिव आइडिया को सीन में शामिल कर उसे और प्रभावशाली बना दिया।

मुख्य बातें

अभय देओल ने 23 अप्रैल 2025 को इंस्टाग्राम पर 'देव डी' के एक सीन से जुड़ा अनोखा किस्सा साझा किया।
फिल्म 'देव डी' 24 अप्रैल 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में री-रिलीज हो रही है।
कल्कि कोचलिन के किरदार चंदा से जुड़े सीन में अभय देओल के सुझाव पर बदलाव किया गया था।
अभय ने सुझाव दिया था कि चंदा फोन पर हिंदी, अंग्रेजी और तमिल में बात करे जिससे दर्शकों में रहस्य बना रहे।
यह फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के 1917 के उपन्यास 'देवदास' का आधुनिक रूपांतरण है।
फिल्म पहली बार 2009 में रिलीज हुई थी और निर्देशक अनुराग कश्यप ने इसे बनाया था।

मुंबई, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की क्लासिक फिल्म 'देव डी' एक बार फिर 24 अप्रैल 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में री-रिलीज हो रही है। इस खास मौके पर अभिनेता अभय देओल ने इंस्टाग्राम के जरिए एक ऐसा अनोखा किस्सा साझा किया है, जो फिल्म के एक अहम सीन के पीछे की रचनात्मक सोच को उजागर करता है। यह किस्सा निर्देशक अनुराग कश्यप और अभय देओल के बीच हुई उस खुली क्रिएटिव बातचीत से जुड़ा है, जिसने अभिनेत्री कल्कि कोचलिन के किरदार चंदा से जुड़े एक सीन को बिल्कुल अलग रंग दे दिया।

कल्कि के सीन के पीछे की असली कहानी

अभय देओल ने बताया कि फिल्म में एक सीन है जिसमें उनका किरदार देव रात के अंधेरे में चंदा के कमरे के बाहर इंतजार करता है। बाहर से उसे कमरे के अंदर से कुछ आवाजें सुनाई देती हैं, जिससे दर्शकों के मन में एक खास तरह का भ्रम पैदा होता है। लेकिन जब देव कमरे के अंदर जाता है, तो पता चलता है कि चंदा अकेली है और किसी फोन कॉल पर अपने जज्बात बयां कर रही है।

अभय ने बताया, ''यह मेरे लिए महज एक सीन नहीं था, बल्कि एक ऐसा पल था जहां एक्टिंग और डायरेक्शन के बीच एक अलग ही सोच का संगम हुआ था।'' उन्होंने कहा कि इस सीन की मूल परिकल्पना अनुराग कश्यप की थी, जिसमें बाहर इंतजार करने और अंदर कुछ होने का माहौल बनाना था।

अभय देओल ने जोड़ा अपना अनोखा आइडिया

अभय देओल ने इस सीन में अपनी तरफ से एक नया और मजेदार विचार जोड़ा। उन्होंने निर्देशक से मजाकिया लहजे में सुझाव दिया कि चूंकि चंदा का किरदार हिंदी, अंग्रेजी और तमिल तीनों भाषाएं जानता है, तो फोन पर वह किसी ऐसे शख्स से बात कर रही हो सकती है जो अलग-अलग भाषाओं और अंदाज में बात करने का शौकीन हो।

इस विचार से सीन में एक नई परत जुड़ गई। दर्शक भी देव के साथ-साथ इस भ्रम में रहते हैं कि आखिर कमरे के अंदर क्या हो रहा है। यह आइडिया अनुराग कश्यप को इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे सीन में शामिल कर लिया।

क्रिएटिव सहयोग से बनती है बेहतरीन सिनेमा

अभय देओल ने इस पूरे अनुभव पर कहा, ''जब अभिनेता और निर्देशक के बीच इस तरह की खुली और बेबाक रचनात्मक बातचीत होती है, तो किसी भी सीन की गहराई और उसका असर कई गुना बढ़ जाता है।'' उनका मानना है कि यही वजह है कि 'देव डी' जैसी फिल्में डेढ़ दशक बाद भी भारतीय सिनेमा के शौकीनों के दिलों में जिंदा हैं।

गौरतलब है कि 'देव डी' पहली बार 2009 में रिलीज हुई थी और इसने उस दौर में बॉलीवुड की परंपरागत फिल्मों से बिल्कुल अलग अपनी एक खास पहचान बनाई थी। फिल्म को फिल्मफेयर समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले थे।

'देव डी' की कहानी और पृष्ठभूमि

'देव डी' मशहूर बंगाली लेखक शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के 1917 के उपन्यास 'देवदास' का आधुनिक और बोल्ड रूपांतरण है। फिल्म की कहानी को पंजाब और दिल्ली की पृष्ठभूमि में दिखाया गया है। कहानी का केंद्र देवेंद्र सिंह 'देव' ढिल्लन नाम का एक अमीर लेकिन भावनात्मक रूप से टूटा हुआ युवक है, जो अपने बचपन के प्यार पारो से बिछड़ने के बाद शराब और नशे की गिरफ्त में आ जाता है।

इसी दौरान उसकी जिंदगी में चंदा का प्रवेश होता है, जो खुद भी अपने दर्द और अतीत से जूझ रही होती है। इन दोनों किरदारों की मुलाकात कहानी को एक बिल्कुल नई और अप्रत्याशित दिशा देती है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।

24 अप्रैल 2025 को री-रिलीज के साथ यह फिल्म एक नई पीढ़ी के दर्शकों तक पहुंचेगी और उम्मीद है कि बड़े पर्दे पर इसका अनुभव पुराने दर्शकों के लिए भी उतना ही ताजा और खास होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

'देव डी' जैसी फिल्मों की वापसी यह संदेश देती है कि असली कहानियां और असली किरदार कभी पुराने नहीं पड़ते। यह री-रिलीज नई पीढ़ी के लिए एक सिनेमाई पाठशाला भी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देव डी फिल्म दोबारा कब रिलीज हो रही है?
'देव डी' फिल्म 24 अप्रैल 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में री-रिलीज हो रही है। यह फिल्म पहली बार 2009 में रिलीज हुई थी और इसे निर्देशक अनुराग कश्यप ने बनाया था।
अभय देओल ने कल्कि के सीन के बारे में क्या खुलासा किया?
अभय देओल ने बताया कि उन्होंने निर्देशक अनुराग कश्यप को सुझाव दिया था कि कल्कि कोचलिन का किरदार चंदा फोन पर अलग-अलग भाषाओं में बात करे, जिससे दर्शकों में रहस्य बना रहे। यह आइडिया अनुराग को पसंद आया और सीन में शामिल किया गया।
देव डी फिल्म किस उपन्यास पर आधारित है?
'देव डी' बंगाली लेखक शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के 1917 के उपन्यास 'देवदास' का आधुनिक रूपांतरण है। इसे पंजाब और दिल्ली की पृष्ठभूमि में प्रस्तुत किया गया है।
देव डी में कल्कि कोचलिन ने कौन सा किरदार निभाया था?
कल्कि कोचलिन ने 'देव डी' में चंदा का किरदार निभाया था। यह किरदार एक ऐसी युवती का है जो दिन में पढ़ाई करती है और अपने दर्दनाक अतीत से जूझती है।
अनुराग कश्यप और अभय देओल ने मिलकर सीन को कैसे बेहतर बनाया?
अभय देओल ने बताया कि जब अभिनेता और निर्देशक के बीच खुली रचनात्मक बातचीत होती है तो सीन की गहराई कई गुना बढ़ जाती है। उनके बहुभाषी फोन कॉल के आइडिया ने सीन में एक नई परत और रहस्य जोड़ दिया।
राष्ट्र प्रेस
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