देव डी री-रिलीज: अभय देओल ने बताया वो सीन जिसमें एक भी डायलॉग नहीं था, डायरेक्टर ने लगाया गले
सारांश
Key Takeaways
- अभय देओल ने देव डी की री-रिलीज के मौके पर इंस्टाग्राम पर एक यादगार किस्सा साझा किया।
- फिल्म के एक सीन में स्क्रिप्ट में अभय देओल के लिए कोई डायलॉग नहीं था फिर भी सीन बेहद असरदार बना।
- डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने कट के बाद अभय देओल को गले लगाया और उनकी तारीफ की।
- यह पूरा सीन सिर्फ एक टेक में ही पूरा हो गया था।
- देव डी मूल रूप से साल २००९ में रिलीज हुई थी और अब PVR सिनेमाघरों में री-रिलीज हो चुकी है।
- फिल्म में माही गिल और कल्कि कोचलीन ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं।
मुंबई, २४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड अभिनेता अभय देओल की चर्चित फिल्म देव डी एक बार फिर PVR सिनेमाघरों में दर्शकों के सामने री-रिलीज हो चुकी है। इस खास मौके पर अभय देओल ने इंस्टाग्राम पर एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि फिल्म के एक अहम सीन में उनके पास बोलने के लिए एक भी डायलॉग नहीं था और फिर भी वह सीन फिल्म के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया।
बिना डायलॉग के भी जीत लिया दिल
अभय देओल ने फिल्म के एक वीडियो क्लिप के साथ अपनी पोस्ट में लिखा कि देव डी एक ऐसी फिल्म है जो डिजाइन के लिहाज से बहुत ज्यादा संवादों पर निर्भर नहीं है। उस खास सीन में स्क्रिप्ट के मुताबिक उनका किरदार देव चुपचाप खड़ा था, जबकि अभिनेत्री परख का किरदार उनसे बात कर रहा था।
अभय ने लिखा कि उसने कहा कि वह दिल्ली से है तो मैंने कहा कि मैं यहीं से हूं। यह संवाद स्क्रिप्ट में नहीं था बल्कि यह अभय के किरदार की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी जो उन्होंने खुद महसूस करते हुए अदा की।
डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने लगाया गले
अभय देओल ने बताया कि जब डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने कट बोला और उनके पास आए तो उन्होंने अभय को गले लगा लिया। यह पल अभय के लिए बेहद खास और भावनात्मक था।
अनुराग कश्यप ने उनसे पूछा कि तुमने कमरे के हर एलिमेंट को सीन में कैसे शामिल किया और इसे इतना कैजुअल कैसे दिखाया। अभय ने बताया कि इस तारीफ ने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। सबसे खास बात यह रही कि यह पूरा सीन सिर्फ एक ही टेक में पूरा हो गया।
किरदार में खो जाने का अनुभव
अभय देओल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अपने कैरेक्टर को खुद पर हावी होने दिया और उसे वे शब्द कहने में मदद की। उन्होंने आगे जोड़ा कि देव को अपनी आवाज मिल गई थी और वे उसमें खो गए।
यह अनुभव अभिनय की उस गहराई को दर्शाता है जहां कलाकार और किरदार के बीच की रेखा मिट जाती है। अभय देओल का यह खुलासा बताता है कि देव डी जैसी फिल्मों की सफलता केवल स्क्रिप्ट नहीं बल्कि अभिनेता की सहज संवेदनशीलता पर भी टिकी होती है।
देव डी — एक युग-परिभाषित फिल्म
अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी देव डी साल २००९ में रिलीज हुई थी। यह फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की कालजयी रचना देवदास का आधुनिक और बोल्ड पुनर्कथन है।
फिल्म में अभय देओल ने देव की भूमिका निभाई जबकि माही गिल और कल्कि कोचलीन ने भी महत्वपूर्ण किरदार अदा किए। फिल्म ने प्यार, दोस्ती, नशे और आत्म-विनाश को एक अलग सिनेमाई भाषा में प्रस्तुत किया जो आज भी युवा दर्शकों को गहराई से छूती है।
गौरतलब है कि देव डी को अपनी रिलीज के समय आलोचकों और दर्शकों दोनों से जबरदस्त सराहना मिली थी। अनुराग कश्यप की यह फिल्म भारतीय समानांतर सिनेमा की एक मील का पत्थर मानी जाती है। री-रिलीज के जरिए नई पीढ़ी के दर्शकों को यह क्लासिक फिल्म बड़े पर्दे पर अनुभव करने का मौका मिल रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि PVR के पर्दे पर देव डी की री-रिलीज कितनी सफल रहती है और क्या अभय देओल इसी तरह के और पर्दे के पीछे के किस्से फैंस से साझा करते हैं।