क्या यूपी में डिजिटल वाटर रिकॉर्डर के जरिये भूजल स्तर की रियल टाइम मॉनिटरिंग और पारदर्शी प्रबंधन संभव है?

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क्या यूपी में डिजिटल वाटर रिकॉर्डर के जरिये भूजल स्तर की रियल टाइम मॉनिटरिंग और पारदर्शी प्रबंधन संभव है?

सारांश

क्या यूपी में जल संकट का समाधान हो सकता है? योगी आदित्यनाथ सरकार की नई पहलें जल प्रबंधन में क्रांति ला रही हैं। जानिए कैसे डिजिटल तकनीक और जनभागीदारी से खेती और ग्रामीण जीवन को सुरक्षित किया जा रहा है।

Key Takeaways

  • डिजिटल तकनीक का उपयोग जल प्रबंधन में सुधार कर रहा है।
  • भूजल संरक्षण के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।
  • जनभागीदारी से जल संकट का समाधान संभव है।
  • अटल भूजल योजना जल संकट के तनावग्रस्त क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
  • वर्षा जल संचयन से जल स्तर में सुधार हो रहा है।

लखनऊ, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में जल संकट के समाधान की दिशा में पिछले पौने नौ वर्षों में योगी आदित्यनाथ सरकार ने जो ठोस और दीर्घकालीन रणनीति अपनाई है, उसके परिणाम अब स्पष्ट रूप से नजर आने लगे हैं। भूजल संरक्षण को सरकार ने केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय ही नहीं समझा, बल्कि इसे खेती, ग्रामीण जीवन और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा से भी जोड़ा है।

‘अटल भूजल योजना’, ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जन भागीदारी’ जैसे अभियानों के माध्यम से प्रदेश में जल प्रबंधन को नई मजबूती मिली है। अटल भूजल योजना के माध्यम से यूपी में जल संरक्षण की दिशा में एक नई क्रांति शुरू हो रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से कार्यान्वित इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश उन 7 राज्यों में शामिल है, जहां जल तनावग्रस्त क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

योजना के तहत प्रदेश में 26945.97 हेक्टेयर क्षेत्र में सक्षम जल उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। इसके साथ ही 550 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर और 392 डिजिटल एवं एनालॉग जल स्तर संकेतक स्थापित किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से भूजल स्तर की नियमित निगरानी संभव हो सकी है और प्रशासन को सटीक आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने में सहायता मिल रही है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार ने तकनीक आधारित जल प्रबंधन को अपनी नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। डिजिटल निगरानी प्रणाली से यह सुनिश्चित किया गया है कि भूजल दोहन और उसके पुनर्भरण पर लगातार नजर रखी जाए। पहले कई क्षेत्रों में जल स्तर गिरने की जानकारी देर से मिलती थी, लेकिन अब स्थिति बदल रही है।

सरकार का मानना है कि इस वैज्ञानिक व्यवस्था से जल प्रबंधन अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुआ है। वर्षा जल संचयन के तहत उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर काम किया गया है। जल शक्ति अभियान 'कैच द रेन' और 'जल संचय जन भागीदारी' के अंतर्गत प्रदेश में हजारों संरचनाओं का निर्माण किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर 39.60 लाख कृत्रिम भूजल पुनर्भरण और जल संचयन कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिनका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश के कई जिलों को भी मिला है। तालाबों, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन से भूजल स्तर को सहारा मिला है। इन प्रयासों का सबसे बड़ा लाभ किसानों और ग्रामीण आबादी को प्राप्त हुआ है।

बेहतर भूजल उपलब्धता से सिंचाई व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है और पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में राहत देखने को मिली है। सरकार के अनुसार जल सुरक्षा से खेती को स्थायित्व मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। सरकार के जल प्रबंधन से संबंधित कार्यों का सकारात्मक प्रभाव केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है। डबल इंजन सरकार के मॉडल के अंतर्गत केंद्र और राज्य के समन्वय से उत्तर प्रदेश को जल आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

भूजल संरक्षण, पुनर्भरण और निगरानी को विकास के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे कि आने वाले वर्षों में जल संकट दोबारा न खड़ा हो सके। योगी सरकार की जल नीति उत्तर प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत आधार बनती दिख रही है, जहां तकनीक और जनभागीदारी के साथ जल प्रबंधन को नई पहचान मिल रही है।

Point of View

लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार की नई पहलें इसे संभव बना सकती हैं। तकनीकी समाकलन और जनभागीदारी के जरिए जल प्रबंधन में सुधार की दिशा में उठाए गए कदम निश्चित रूप से प्रदेश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

डिजिटल वाटर रिकॉर्डर क्या हैं?
डिजिटल वाटर रिकॉर्डर उपकरण हैं जो भूजल स्तर की रियल टाइम निगरानी करते हैं।
अटल भूजल योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य जल संरक्षण और प्रबंधन को सुधारना है।
सरकार ने जल संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने कई अभियानों और तकनीकी उपायों के माध्यम से जल संकट से निपटने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
कैच द रेन अभियान क्या है?
यह अभियान वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए चलाया जाता है।
फसल सिंचाई में जल उपलब्धता का क्या महत्व है?
बेहतर जल उपलब्धता से फसल सिंचाई में सुधार होता है और किसानों की आय बढ़ती है।
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