उत्तम नगर में युवक हत्या मामले में प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की, 7 गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- उत्तम नगर में होली के दिन एक युवक की हत्या हुई।
- प्रशासन ने मुख्य आरोपी के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की।
- आरोपी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।
- एक नाबालिग सहित अब तक 7 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
- पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की है।
नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के उत्तम नगर क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की हत्या के मामले में प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई आरंभ कर दी है। एमसीडी की टीम ने मुख्य आरोपी निजामुद्दीन के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस बीच, पुलिस ने मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं और एक नाबालिग समेत अब तक सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय कुल आठ लोग घायल हुए थे, जिनमें एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के पांच लोग शामिल हैं। घायलों में से अधिकांश को उसी दिन अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी।
यह घटना बुधवार को उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में हुई थी। बताया जा रहा है कि एक हिंदू परिवार की 11 वर्षीय बच्ची अपनी छत पर होली खेल रही थी। उसी समय, उसके द्वारा फेंका गया एक गुब्बारा नीचे से गुजर रही मुस्लिम समुदाय की एक महिला को लग गया। बच्ची के परिवार का कहना है कि उन्होंने तुरंत माफी मांग ली थी, लेकिन विवाद बढ़ता गया। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया, और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।
आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने 26 वर्षीय तरुण कुमार को घेर लिया और उन पर क्रिकेट बैट, लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल तरुण कुमार को अस्पताल ले जाया गया, जहां गुरुवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई।
तरुण की मौत के बाद शुक्रवार को इलाके में तनाव बढ़ गया। एक हिंदू राजनीतिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दो वाहनों—एक कार और एक मोटरसाइकिल—में आग लगा दी, जबकि कई अन्य गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए गए। उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन, स्थानीय थाने और हस्तसाल कॉलोनी के बाहर लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़कों को जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। तनाव को देखते हुए इलाके की कई दुकानों को एहतियातन बंद रखा गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों परिवार मूलतः राजस्थान के निवासी हैं और 1960 के दशक से एक-दूसरे को जानते हैं। पुलिस का कहना है कि यह मामला पूरी तरह से सांप्रदायिक नहीं है, बल्कि दोनों परिवारों के बीच कूड़ा, पानी और पार्किंग को लेकर पुरानी रंजिश भी रही है। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।