क्या यूपी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश होगी, पार्टियों और जनता को मिलेगी एक्सेस?
सारांश
Key Takeaways
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का पब्लिश होना चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगा।
- राजनीतिक पार्टियों को अपनी लिस्ट की जांच करने का अवसर दिया जाएगा।
- नागरिक बिना सरकारी दफ्तरों में जाए अपनी जानकारी का सत्यापन कर सकेंगे।
- आपत्तियों का निपटारा अंतिम लिस्ट पब्लिश होने से पहले किया जाएगा।
- यह कदम सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगा।
नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट मंगलवार को पब्लिश की जाएगी, जो राज्य में चुनावी तैयारियों का एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस प्रक्रिया को राज्य निर्वाचन आयोग (सीईओ) और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) की देखरेख में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी को शामिल करना है।
अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट रोल की हार्ड कॉपी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के साथ साझा की जाएगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पार्टी प्रतिनिधियों को जांच में सहायता प्रदान करना है ताकि वे गड़बड़ियों का पता लगाकर आपत्तियां उठाने या सुधार सुझाने में सक्षम हों।
राजनीतिक हितधारकों को सीधे शामिल करके, आयोग चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर विश्वास को मजबूत करना चाहता है।
उम्मीद है कि इस डिजिटल एक्सेस के माध्यम से ये रोल्स जनता के लिए आसानी से उपलब्ध होंगे, जिससे नागरिक बिना सरकारी दफ्तरों में जाए अपनी जानकारी का सत्यापन कर सकेंगे।
खास बात यह है कि अनुपस्थित, शिफ्ट हुए, मृत या डुप्लीकेट के तौर पर मार्क किए गए वोटर्स की लिस्ट भी ड्राफ्ट रोल्स के साथ ऑनलाइन पब्लिश की जाएगी।
यह कदम चुनावी डेटाबेस में सटीकता बनाए रखने और एंट्री के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है।
नागरिकों और राजनीतिक पार्टियों को इन लिस्ट की समीक्षा करने का मौका मिलेगा और यदि उन्हें लगता है कि किसी नाम को गलत तरीके से कैटेगराइज किया गया है, तो वे आपत्ति उठा सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि ड्राफ्ट रोल का पब्लिकेशन आखिरी चरण नहीं है, बल्कि यह लगातार रिवीजन की एक प्रक्रिया का हिस्सा है। लोगों से दावे और आपत्तियां मंगाई जाएंगी, और अंतिम लिस्ट पब्लिश होने से पहले आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
यह पहल इस बात पर जोर देती है कि आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उत्तर प्रदेश में हर योग्य वोटर सही तरीके से रजिस्टर्ड हो और लिस्ट गलतियों से मुक्त रहे।
उत्तर प्रदेश इस समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साल की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में मंगलवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के पब्लिश होने से एक पारदर्शी और भागीदारी वाली चुनावी प्रक्रिया की नींव पड़ने की उम्मीद है।