उत्तर प्रदेश में इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 से 3000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
सारांश
Key Takeaways
- इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन कुशीनगर में हुआ।
- कॉन्क्लेव में 3,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव रखे गए।
- बौद्ध पर्यटन को सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जोड़ा गया।
- जयवीर सिंह ने कुशीनगर को वैश्विक बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की बात की।
- 2025 में 82 लाख से ज्यादा पर्यटक बौद्ध स्थलों पर पहुंचे।
लखनऊ, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर में आयोजित इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 ने निवेश की प्रबल संभावनाओं के साथ समापन किया। इस कॉन्क्लेव के दौरान, पर्यटन से संबंधित क्षेत्रों में लगभग 3,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
तीन दिन तक चलने वाले इस कॉन्क्लेव का प्राथमिक उद्देश्य इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निवेश को आमंत्रित करना और उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना था।
इस आयोजन में 2,300 से अधिक बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भाग लिया, जिसमें 2,000 से अधिक बौद्ध भिक्षु, विद्वेष, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे, जबकि 300 से अधिक विदेशी मेहमान थाईलैंड, जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल जैसे देशों से आए।
कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन से संबंधित क्षेत्रों में लगभग 3,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव रखे गए। होटल-रिजॉर्ट बनाने वाली कंपनियों, रियल एस्टेट डेवलपर्स, बायो-सीएनजी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के उद्यमियों ने निवेश में रुचि दिखाई। इसके अलावा, यहां दो नए टाउनशिप विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे शहर के विकास को नई गति मिल सकती है।
कॉन्क्लेव में यह भी जोर दिया गया कि बौद्ध पर्यटन को केवल तीर्थयात्रा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय व्यवसाय और सतत विकास से जोड़ा जाए। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बेहतर कनेक्टिविटी को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से कुशीनगर ने बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों और निवेशकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि कुशीनगर अब आस्था के साथ-साथ निवेश का भी आकर्षक गंतव्य बन रहा है।
मंत्री ने कहा कि इस आयोजन से लगभग 3,000 करोड़ रुपए के निवेश की संभावनाएं सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप पर्यटन, होटल, परिवहन और अवसंरचना के क्षेत्र में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार इन निवेश प्रस्तावों को जल्द ही कार्यान्वित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, ताकि कुशीनगर के समग्र विकास को नई गति मिल सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बौद्ध सर्किट लगातार मजबूत हो रहा है। 2025 में प्रदेश के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों पर 82 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे, जो इन स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।