क्या प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकार दल लखनऊ से गुजरात के लिए रवाना होकर ‘विविधता में एकता’ की अनूठी झलक देंगे?

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क्या प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकार दल लखनऊ से गुजरात के लिए रवाना होकर ‘विविधता में एकता’ की अनूठी झलक देंगे?

सारांश

उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकार दल ने लखनऊ से गुजरात के लिए रवाना होकर भारत पर्व 2025 में सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत प्रदर्शन करने का संकल्प लिया है। संस्कृति मंत्री ने इस पहल को राष्ट्रीय पहचान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक दल गुजरात के लिए रवाना हुआ है।
  • भारत पर्व 2025 में सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन होगा।
  • कलाकारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संस्कृति मंत्री का आभार व्यक्त किया।
  • सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है उत्तर प्रदेश।
  • यह दल विविधता में एकता का संदेश प्रस्तुत करेगा।

लखनऊ, 10 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और लोकपरंपरा का भव्य प्रदर्शन अब भारत पर्व 2025 में देखने को मिलेगा। लखनऊ से सोमवार को संस्कृति विभाग द्वारा चयनित प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकारों का दल ‘उन्नत संस्कृति, समग्र विकास’ की झलक प्रस्तुत करने के लिए गुजरात के केवड़िया रवाना हुआ। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दल को शुभकामनाओं के साथ रवाना किया।

जयवीर सिंह ने कहा कि भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी हमारे राज्य की सांस्कृतिक विविधता, लोकजीवन और कलात्मक गौरव को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्नत संस्कृति ही समग्र विकास का आधार है, और यह पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को और सशक्त बनाएगी।

केवड़िया रवाना होने से पूर्व उत्साहित कलाकारों ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश की लोकसंगीत, नृत्य और लोकपरंपराओं को देश के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें यह अवसर प्रदान किया।

संस्कृति मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री की दृष्टि रही है कि प्रदेश की लोककला, संगीत और नृत्य केवल सीमित मंचों तक न रहें, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करें। उत्तर प्रदेश का यह सांस्कृतिक दल भारत पर्व में लोक, जनजातीय और शास्त्रीय कलाओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

इसमें ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और जनजातीय अंचलों से आए श्रेष्ठ कलाकार शामिल हैं, जो अपनी विशिष्ट क्षेत्रीय कला को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे। नृत्य, संगीत और लोकवाद्य की लयात्मक प्रस्तुतियों से यह दल न केवल उत्तर प्रदेश की आत्मा को दर्शाएगा, बल्कि विविधता में एकता के संदेश को भी सशक्त रूप में प्रस्तुत करेगा। भारत पर्व में यह प्रस्तुति उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की यात्रा को एक साथ उजागर करेगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश का यह सांस्कृतिक दल न केवल अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेगा, बल्कि देश की विविधता में एकता के संदेश को भी मजबूती से प्रस्तुत करेगा। यह पहल भारतीय संस्कृति के समृद्ध इतिहास को नई पीढ़ी के सामने लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश का क्या योगदान है?
उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक दल भारत पर्व 2025 में अपनी लोकसंगीत, नृत्य और क्षेत्रीय कलाओं का अद्भुत प्रदर्शन करेगा।
कौन-कौन से कलाकार इस दल में शामिल हैं?
इस दल में ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और जनजातीय अंचलों से आए कलाकार शामिल हैं।
संस्कृति मंत्री ने इस पहल के बारे में क्या कहा?
संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पहल 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को सशक्त बनाएगी।
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