उत्तर प्रदेश में 'सोलर दीदी' अभियान: महिलाओं की स्वच्छ ऊर्जा क्रांति की नई लहर
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं की भागीदारी: 'सोलर दीदी' अभियान में महिलाएं सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
- आर्थिक सशक्तिकरण: महिलाएं मासिक प्रोत्साहन राशि के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं।
- जागरूकता: यह अभियान सौर ऊर्जा के लाभों के बारे में लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहा है।
- प्रशिक्षण: महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को बढ़ाया जा रहा है।
- स्वयं सहायता समूह: मजबूत स्वयं सहायता समूह नेटवर्क इस अभियान की सफलता में मदद कर रहा है।
लखनऊ, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई पहल के रूप में 'सोलर दीदी' अभियान तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को आम जनता तक पहुँचाने के लिए महिलाओं को प्राथमिकता दी है, जो अब सकारात्मक परिणाम दिखा रही है।
इस अभियान के अंतर्गत वाराणसी में 111 और अयोध्या में 148 महिलाएं 'सोलर दीदी' के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा दे रही हैं। इन महिलाओं को शहरी स्थानीय निकायों द्वारा प्रति माह 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिल रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकें।
राज्य के मुख्य शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी में शहरी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 'सोलर दीदी' के रूप में पहचानने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यह पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के समन्वय से कार्यान्वित की जा रही है। इस अभियान की ख़ासियत यह है कि चयनित 'सोलर दीदी' घर-घर जाकर लोगों को सौर ऊर्जा के फायदों के बारे में जागरूक करती हैं। साथ ही, वे उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया, इंस्टॉलेशन और रखरखाव में मदद करने में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, जिससे वे सरकार और आम जनता के बीच एक मजबूत कड़ी बन जाती हैं।
महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए 7 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं सहायक के रूप में कार्य कर सकती हैं, जबकि प्रशिक्षित और प्रमाणित सदस्य तकनीशियन की भूमिका निभाने में सक्षम होंगी। इसके अतिरिक्त, सिटी लेवल फेडरेशन और एरिया लेवल फेडरेशन को भी विक्रेता के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे वे मांग सृजन, इंस्टॉलेशन समन्वय और सेवा वितरण में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
प्रदेश में पहले से मौजूदा मजबूत स्वयं सहायता समूह नेटवर्क इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हजारों सक्रिय समूहों के माध्यम से यह पहल तेजी से जमीनी स्तर पर पहुँच रही है, जिससे सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता बढ़ रही है। यूपी नेडा के अधिकारियों का कहना है कि 'सोलर दीदी' मॉडल न केवल योजना के लक्ष्यों को शीघ्रता से पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि सामाजिक विश्वास, जनभागीदारी और महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा देगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।