15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या उत्तरी बंगाल बाढ़ में डूब रहा है जबकि सीएम ममता बनर्जी उत्सव मना रही हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या उत्तरी बंगाल बाढ़ में डूब रहा है जबकि सीएम ममता बनर्जी उत्सव मना रही हैं?

सारांश

उत्तर बंगाल में बाढ़ से तबाही का मंजर है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में उत्सव मना रही हैं। भाजपा नेता दिलीप घोष ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जानें क्या है इस बाढ़ का असली कारण और सरकार की लापरवाही के आरोप।

मुख्य बातें

भारी बारिश और बाढ़ ने उत्तरी बंगाल में तबाही मचाई है।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर लापरवाही का आरोप लगाया।
सरकार की जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उत्तरी बंगाल के लोग सहायता की मांग कर रहे हैं।
कार्निवल के समय बाढ़ की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है।

कोलकाता, ६ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर बंगाल के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। कई गांव जलमग्न हो गए हैं, और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस संकट के बीच, भाजपा नेता दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकारी लापरवाही के कारण जान-माल का नुकसान हो रहा है। वर्षों से नालों, नदियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई नहीं की गई है।

दिलीप घोष ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने नदियों के किनारे अतिक्रमण कर जमीनें बेच दीं, जिससे नदियों में घर बन गए हैं। अब पानी का निकास कहां होगा? ऐसी स्थिति में बाढ़ का आना स्वाभाविक था। यह सरकार केवल राजनीति और धन तक सीमित है।

उन्होंने कहा कि जब आरामबाग और वर्धमान में बाढ़ आई, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी DVC और झारखंड पर आरोप लगाती हैं। कोलकाता में पानी जमा रहता है तो उत्तर प्रदेश और बिहार को दोषी ठहराया जाता है। उत्तरी बंगाल में बाढ़ ने कई गांवों को बहा दिया, कई लोगों की जान चली गई, लेकिन इसका कोई हिसाब नहीं। अब मुख्यमंत्री किसे दोष देंगी?

उन्होंने कहा कि जब उत्तरी बंगाल बाढ़ में डूब रहा है, तब मुख्यमंत्री कोलकाता में कार्निवल में उत्सव मना रही हैं। उत्तरी बंगाल के लोग बार-बार कहते हैं कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। यह बात एक बार फिर साबित हो गई है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि वह हर जगह जाकर केवल फोटो खिंचवाती हैं। जिन लोगों का सर्वनाश हो गया, जिनकी जिंदगी बर्बाद हो गई, उनका क्या होगा? मुख्यमंत्री उत्तर बंगाल पहुंचकर कहेंगी कि भारी नुकसान हुआ है और केंद्र सरकार से मुआवजे की मांग करेंगी। उनकी यही रणनीति रहती है। हवाई सर्वेक्षण कर, एक मोटी रकम की मांग तैयार करना, उसे दिल्ली भेजना और फिर आंदोलन करना कि केंद्र सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए पैसा नहीं दिया। भाजपा नेता ने इसे ममता बनर्जी का ड्रामा बताया है और कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी से बचती हैं।

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के बंगाल को लेकर किए गए पोस्ट पर भाजपा नेता ने कहा कि ओडिशा और बंगाल में पहले आई आपदाओं के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वयं हवाई सर्वेक्षण किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर प्रभावित राज्य में पहुंचते हैं, लेकिन ममता बनर्जी की कोई जिम्मेदारी नहीं दिखती।

घोष ने कहा कि उत्तर बंगाल में भाजपा के विधायक और सांसद प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। वहीं, उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाया कि वह मौज-मस्ती, उत्सव और मेलों में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि पिछले १५ वर्षों में राज्य की व्यवस्था चरमरा गई है। नया ढांचा तैयार नहीं हुआ, यहां तक कि एनडीआरएफ की टीमें भी गठित नहीं हो पाईं। हर साल बंगाल में बाढ़ और तूफान आते हैं, लेकिन सरकार की तैयारियां पूरी नहीं हैं।

घोष ने कहा कि पिछली रात मुख्यमंत्री कार्निवल में नाच-गाना कर रही थीं, जिसका लाइव प्रसारण हो रहा था। उधर, उत्तर बंगाल में लोग और जानवर बाढ़ के गंदे पानी में बह रहे हैं। लोगों के घर तबाह हो गए, लेकिन मुख्यमंत्री को इसकी कोई चिंता नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कार्निवल एक-दो दिन टल जाता या ममता पहले प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करतीं, तो यह उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल में भी कार्निवल आयोजित नहीं हुआ था।

दूसरी ओर, बिहार में भाजपा ने मतदान केंद्रों पर बुर्का पहनकर आने वाली महिलाओं की पहचान जांचने की मांग की है, जिसका राजद ने विरोध किया। इस पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि कई जगहों पर बिना चेहरा देखे पहचान करना मुश्किल होता है।

मतदान केंद्र के बाहर केंद्रीय बल या पुलिस यह जांचते हैं कि मतदाता के पास वैध पहचान पत्र है या नहीं। चेहरा देखे बिना यह सुनिश्चित करना असंभव है कि मतदाता वही है, जिसका पहचान पत्र है। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच महिला कर्मियों द्वारा की जाए, लेकिन जांच जरूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो जनहित में हैं। इस स्थिति में सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल में बाढ़ की स्थिति क्या है?
उत्तर बंगाल में बाढ़ की स्थिति गंभीर है, कई गांव जलमग्न हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
भाजपा नेता दिलीप घोष ने उन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बाढ़ के समय में सरकार की क्या जिम्मेदारी होती है?
सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह प्रभावित लोगों को सहायता और राहत प्रदान करे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले