क्या वेनेजुएला के घटनाक्रम पर भारत चिंतित है? विदेश मंत्री जयशंकर ने सभी पक्षों से बातचीत का किया आह्वान
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने वेनेजुएला की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
- विदेश मंत्री ने सभी पक्षों से बातचीत का आह्वान किया।
- मादुरो की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है।
- भारत का वेनेजुएला के साथ दीर्घकालिक संबंध है।
- भारतीय दूतावास ने समुदाय को सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
लक्जमबर्ग, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत चिंतित है। विदेश मंत्री ने सभी संबंधित पक्षों से मौजूदा संकट के दौरान वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया।
लक्जमबर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "हम हालिया घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं। लेकिन हम इसमें शामिल सभी पक्षों से यह आग्रह करेंगे कि वे अब बैठकर ऐसे समाधान पर पहुंचें जो वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के हित में हो, क्योंकि यही हमारी चिंता है।"
उन्होंने आगे कहा, "वेनेजुएला के साथ भारत के कई सालों से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। हम चाहते हैं कि वेनेजुएला के लोग मौजूदा घटनाक्रम की दिशा चाहे जो भी हो, उससे सुरक्षित और बेहतर स्थिति में बाहर आएं।"
इससे पहले, भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान में कहा कि काराकास में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।
बयान में आगे कहा गया, "वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं। हम बदलती स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करता है। हम सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाने और क्षेत्र में शांति व स्थिरता सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं।"
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "काराकास में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करता रहेगा।"
गौरतलब है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो अभी न्यूयॉर्क की जेल में हैं। अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला में कार्रवाई की थी, जिस दौरान राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया। 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' कहे जाने वाले इस अभियान में अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई करते हुए मादुरो को हिरासत में लिया था। इसके बाद अमेरिकी सेना वापस न्यूयॉर्क लौटी थी, जहां सोमवार को मादुरो अदालत में पेश किया गया। फिलहाल डेल्सी रोड्रिग्ज वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर कार्यरत हैं।