क्या वाइस एडमिरल संजय साधु ने युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक का पदभार संभाला?

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क्या वाइस एडमिरल संजय साधु ने युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक का पदभार संभाला?

सारांश

वाइस एडमिरल संजय साधु ने भारतीय नौसेना में युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक का पदभार ग्रहण किया। उनका करियर 38 वर्षों का है और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। क्या यह उनके लिए एक नया अध्याय है?

Key Takeaways

  • वाइस एडमिरल संजय साधु का 38 वर्षों का अनुभव है।
  • उन्होंने कई महत्वपूर्ण युद्धपोतों पर कार्य किया है।
  • उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया है।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। वाइस एडमिरल संजय साधु, एवीएसएम, एनएम ने युद्धपोत उत्पादन और अधिग्रहण नियंत्रक के रूप में अपनी जिम्मेदारी ग्रहण की है। वाइस एडमिरल 1987 में भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर और रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में एमफिल डिग्री रखते हैं।

अपने 38 वर्षों से अधिक के उत्कृष्ट करियर में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल, स्टाफ और यार्ड पदों पर कार्य किया है। उन्होंने विमानवाहक पोत आईएनएस विराट पर कई भूमिकाएं निभाईं हैं और अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत आईएनएस ब्रह्मपुत्र और आईएनएस दूनागिरी पर भी कार्य किया है।

फ्लैग रैंक पर पदोन्नति से पहले उन्होंने नौसेना डॉकयार्ड (मुंबई) में अतिरिक्त महाप्रबंधक (उत्पादन), नौसेना पोत मरम्मत यार्ड (कारवार) के कमोडोर अधीक्षक और नौसेना मुख्यालय, नई दिल्ली में प्रधान निदेशक समुद्री इंजीनियरिंग सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

उन्होंने रूस से विमानवाहक पोत विक्रमादित्य के आधुनिकीकरण और अधिग्रहण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस परियोजना में उन्होंने विभिन्न पदों पर काम किया, जिसमें रूस के युद्धपोत निरीक्षण दल (सेवेरोडविंस्क) में वरिष्ठ नौसेना इंजीनियर ओवरसियर और विमानवाहक परियोजना निदेशक का पद शामिल था।

फ्लैग रैंक पर पदोन्नत होने के बाद, उन्होंने युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (पनडुब्बी डिजाइन समूह) के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में कार्य किया। उन्हें पश्चिमी और पूर्वी दोनों तटों पर प्रमुख डॉकयार्डों का नेतृत्व करने का गौरव प्राप्त है।

वे गोवा स्थित नौसेना युद्ध महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। राष्ट्रपति द्वारा उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक और नौसेना पदक से सम्मानित किया गया है। सीडब्ल्यूपीएंडए का कार्यभार संभालने से पहले, फ्लैग ऑफिसर ने नई दिल्ली में उन्नत प्रौद्योगिकी पोत कार्यक्रम के कार्यक्रम निदेशक के रूप में भी कार्य किया।

उन्होंने वाइस एडमिरल राजाराम स्वामीनाथन, एवीएसएम, एनएम से कार्यभार ग्रहण किया, जो 30 नवंबर को राष्ट्र के प्रति 38 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। वाइस एडमिरल राजाराम स्वामीनाथन के कार्यकाल में भारतीय नौसेना में आठ जहाजों को शामिल किया गया।

Point of View

भारतीय नौसेना के पास एक अनुभवी नेतृत्व है जो देश की सुरक्षा और समुद्री रणनीतियों को मजबूती प्रदान करेगा।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

वाइस एडमिरल संजय साधु का कार्यक्षेत्र क्या है?
उनका कार्यक्षेत्र युद्धपोत उत्पादन और अधिग्रहण नियंत्रक का है।
वाइस एडमिरल संजय साधु ने कब भारतीय नौसेना में शामिल हुए?
उन्होंने 1987 में भारतीय नौसेना में शामिल हुए।
उन्हें किन सम्मानित पदकों से नवाजा गया है?
उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और नौसेना पदक प्राप्त हुए हैं।
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