पश्चिम बंगाल: TMC सांसद डोला सेन का आरोप — स्ट्रांग रूम खोलकर लाइट जलाकर कुछ किया जा रहा था, चुनाव आयोग पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
Click to start listening
सारांश
पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC सांसद डोला सेन ने चुनाव आयोग पर स्ट्रांग रूम खोलने और पोस्टल बैलेट प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाया है। TMC ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा है कि 90 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए।
Key Takeaways
TMC सांसद डोला सेन ने 1 मई को चुनाव आयोग पर स्ट्रांग रूम अनधिकृत रूप से खोलने का आरोप लगाया। TMC ने दावा किया कि 225 पार्टी कार्यकर्ताओं की जान गई और 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए। आरोप है कि स्ट्रांग रूम खोलने की जानकारी शाम 4 बजे मेल के ज़रिए दी गई और उसी वक्त स्ट्रांग रूम खोल दिया गया। ममता बनर्जी चीफ इलेक्शन एजेंट के साथ बतौर उम्मीदवार स्ट्रांग रूम में गई थीं। TMC ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की घोषणा की है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद डोला सेन ने 1 मई को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान पोस्टल बैलेट विवाद पर चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि TMC की ओर से शेयर किए गए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि स्ट्रांग रूम खोलकर, लाइट जलाकर कुछ किया जा रहा था। यह विवाद उस समय और गहरा गया जब TMC और विपक्षी उम्मीदवार स्ट्रांग रूम पहुँचे और चुनाव आयोग को मजबूरन स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
वीडियो और सीसीटीवी फुटेज का विवाद
डोला सेन ने स्पष्ट किया कि TMC ने जो वीडियो शेयर किया, वह चुनाव आयोग की ओर से स्क्रीन पर दिखाई जा रही आधिकारिक सीसीटीवी फुटेज है। उनके अनुसार,
Point of View
लेकिन यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि TMC ने जो वीडियो 'सबूत' के तौर पर पेश किया, वह स्वयं चुनाव आयोग की आधिकारिक सीसीटीवी स्क्रीन की रिकॉर्डिंग है — यानी यह विवाद एक ऐसे वीडियो पर टिका है जिसे दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव-पश्चात विवाद कोई नई बात नहीं है, लेकिन 90 लाख मतदाताओं के नाम काटने का आरोप अगर सत्यापित होता है तो यह केवल TMC की शिकायत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर एक बड़ा सवाल बन जाता है। चुनाव आयोग को पारदर्शिता के लिए स्ट्रांग रूम खोलने की प्रक्रिया और समयसीमा का विस्तृत सार्वजनिक जवाब देना चाहिए।
NationPress
01/05/2026
Frequently Asked Questions
पश्चिम बंगाल स्ट्रांग रूम विवाद क्या है?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान TMC ने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम को बिना पूर्व सूचना के खोला गया और वहाँ पोस्टल बैलेट के साथ अनियमितता हुई। TMC सांसद डोला सेन ने कहा कि वीडियो में स्पष्ट दिखता है कि स्ट्रांग रूम में लाइट जलाकर कुछ किया जा रहा था।
TMC ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
TMC ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने स्ट्रांग रूम खोलने की सूचना शाम 4 बजे मेल से दी और उसी समय रूम खोल दिया, जिससे उम्मीदवारों को वहाँ पहुँचने का पर्याप्त समय नहीं मिला। पार्टी इसे गैर-कानूनी बता रही है।
डोला सेन ने वीडियो के बारे में क्या कहा?
डोला सेन ने कहा कि TMC ने जो वीडियो शेयर किया, वह चुनाव आयोग की आधिकारिक सीसीटीवी फुटेज की स्क्रीन रिकॉर्डिंग है। उन्होंने कहा कि अगर वह वीडियो फर्जी है तो चुनाव आयोग भी फर्जी साबित होगा।
TMC आगे क्या कदम उठाएगी?
TMC ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की घोषणा की है। डोला सेन ने स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से लीगल एक्शन लिया जाएगा।
ममता बनर्जी की इस विवाद में क्या भूमिका रही?
डोला सेन के अनुसार, ममता बनर्जी अपने चीफ इलेक्शन एजेंट के साथ बतौर उम्मीदवार स्ट्रांग रूम में गई थीं। यह उनके सीधे इस विवाद से जुड़े होने का संकेत है।