क्या विदिशा कलेक्टर ने छात्रावास अधीक्षक और शिक्षक को अपशब्द कहे और बाद में माफी मांगी?
सारांश
Key Takeaways
- कलेक्टर ने छात्रावास के निरीक्षण के दौरान अपशब्द कहे।
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से प्रशासन में हलचल मची।
- कलेक्टर ने अपनी गलती मानकर माफी मांगी।
- इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
- राज्य में ऐसी घटनाएँ पहली बार नहीं हो रही हैं।
विदिशा, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने एक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां देखीं, जिससे वह नाराज हो गए। उन्होंने छात्रावास के अधीक्षक और शिक्षक को फटकार लगाते हुए गुस्से में अपशब्द कह दिए। जब इस मामले ने तूल पकड़ा, तब कलेक्टर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
यह घटना गंजबासोदा क्षेत्र के उदयपुर गांव में हुई। कलेक्टर अंशुल गुप्ता शासकीय छात्रावास का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान जब उन्होंने छात्रों को गैर हाजिर देखा तो भड़क उठे और वहां मौजूद अधीक्षक और शिक्षक को कड़ी फटकार लगाई। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे शिक्षक को धमकाते हुए कहते हैं कि 'दो जूते मारूंगा तुमको मैं'।
वीडियो के वायरल होने के बाद विदिशा से लेकर भोपाल तक के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई और कलेक्टर की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। जब मामले ने तूल पकड़ा, तो उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खेद व्यक्त किया। माफीनामे में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उदयपुर स्थित जनजातीय छात्रों का छात्रावास है, जिसमें पहली से 5वीं तक के छात्र रहते हैं और पढ़ते भी हैं।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान उनके मुंह से कुछ ऐसे शब्द निकल गए जो कहे जाने चाहिए थे, इसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों की ऐसी कार्यशैली सामने आई है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में छतरपुर जिले में एक महिला अधिकारी द्वारा किसान को थप्पड़ मारने की घटना भी सामने आई थी। इसी तरह के कई अन्य मामले भी सामने आ चुके हैं।