क्या तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया?

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क्या तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया?

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने दिल्ली में अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। जानिए इसके पीछे का कारण और सांसदों की मांगें।

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सांसदों ने केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया।
प्रदर्शन ममता बनर्जी की रैली से पहले हुआ।
डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में लिया गया।
राज्यभर में विरोध रैलियां आयोजित की गईं।

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों ने शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों के हाथों में ऐसे पोस्टर थे जिन पर लिखा था, "बंगाल मोदी-शाह की गंदी राजनीति को खारिज करता है," और उन्होंने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार धरने में शामिल थे। यह प्रदर्शन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कोलकाता में होने वाली रैली से पहले किया गया था, जो पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ था।

प्रदर्शन के दौरान, तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने नारे लगाए और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार चुनाव से पहले विपक्षी पार्टियों को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। सांसदों को विरोध जताने के लिए पोस्टर के साथ भी देखा गया।

डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मोइत्रा को गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ये हिरासत उस समय हुई जब सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को परिसर में जाने से रोकने की कोशिश की।

हिरासत में लिए जाने के बाद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा, "हमें क्यों हिरासत में लिया जा रहा है? इसे देखिए। आप देख रहे हैं कि अमित शाह की दिल्ली पुलिस क्या कर रही है। आप देख रहे हैं कि सांसदों के साथ क्या हो रहा है। हमारे सभी सांसदों को हिरासत में ले लिया गया है।"

यह विरोध प्रदर्शन गुरुवार को आई-पैक के कोलकाता ऑफिस और इसके चीफ और को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद हुआ। छापेमारी के दौरान, कथित तौर पर सीएम ममता बनर्जी ने तलाशी वाली जगहों का दौरा किया और केंद्रीय एजेंसी पर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को "लूटने" की कोशिश करने का आरोप लगाया।

पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आह्वान पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार शाम को राज्य भर में विरोध रैलियां कीं, जिसमें पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के कोलकाता कार्यालय और इसके डायरेक्टर और को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की निंदा की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि विपक्षी दलों का एकजुट होना कितना जरूरी है। केंद्र सरकार को अपने कामों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने किसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया?
तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा क्या था?
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष को निशाना बनाना था।
कौन-कौन से सांसद इस प्रदर्शन में शामिल हुए?
इस प्रदर्शन में डेरेक ओ'ब्रायन, महुआ मोइत्रा, शताब्दी रॉय, और अन्य सांसद शामिल थे।
क्या प्रदर्शन के दौरान सांसदों को हिरासत में लिया गया?
हां, डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मोइत्रा को पुलिस ने हिरासत में लिया।
क्या इस प्रदर्शन का बंगाल की राजनीति पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
यह प्रदर्शन बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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