क्या रवींद्र चव्हाण की टिप्पणी पर नवाब मलिक ने सही जवाब दिया?
सारांश
Key Takeaways
- दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान आवश्यक है।
- राजनीतिक बयानबाजी का प्रभाव चुनावों पर पड़ता है।
- भाजपा के नेताओं को गठबंधन की मर्यादा का पालन करना चाहिए।
- नवाब मलिक ने कानूनी कार्रवाई की बात की है।
- चुनाव में बंटवारे की राजनीति से लोग ऊब चुके हैं।
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के नेता नवाब मलिक ने विलासराव देशमुख के खिलाफ की गई टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि दिवंगत आत्माओं के प्रति एक नैतिकता होती है और इसका पालन सभी को करना चाहिए।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा था कि विलासराव देशमुख की यादें लातूर शहर से मिटानी चाहिए। इस पर नवाब मलिक ने कहा, "विलासराव देशमुख ने लातूर से कई चुनाव लड़े, जीते और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। उन्हें लेकर एक नैतिकता होती है कि हमें दिवंगतों के बारे में सम्मानपूर्वक बात करनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "यदि कोई उनके नाम को मिटाने की बात करता है, तो यह उचित नहीं है।"
नवाब मलिक ने महानगरपालिका चुनावों में भाजपा के गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भाजपा नेताओं को पहले ही गठबंधन की मर्यादा का पालन करना चाहिए। यह चुनाव एक लड़ाई जैसा है, और हम इसे जीतने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।"
उन्होंने भाजपा के नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात की और कहा, "हम लीगल नोटिस भेजेंगे। अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी, तो हम न्यायालय जाएंगे।"
नवाब मलिक ने महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "राहुल नार्वेकर एक सर्वोच्च पद पर हैं और उन्हें उस पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हमारे सभी उम्मीदवारों ने अपना कैंपेन शुरू कर दिया है। चुनाव में हम अपनी पूरी ताकत लगाएंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में कई दल धार्मिक भावनाओं को भड़काकर वोट मांगने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोग अब इस बंटवारे की राजनीति से ऊब चुके हैं।