क्या विपक्ष के लोग जनता को 'वोट चोरी' के नाम पर गुमराह कर रहे हैं? : दिनेश शर्मा
सारांश
Key Takeaways
- दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया।
- उनका कहना है कि जनता अब जागरूक है।
- विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं।
- भाजपा सरकार में सुधार की प्रक्रिया जारी है।
- विपक्ष को अपनी विश्वसनीयता को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर 'वोट चोरी' के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "जब उनसे एसआईआर के विषय में अलग-अलग पूछा जाता है, तो उनकी अपनी पार्टी के सदस्य भी यह मानते हैं कि इससे लाभ होगा। समाजवादी पार्टी, बीएसपी, कांग्रेस, टीएमसी और अन्य पार्टियों के नेता भी मानते हैं कि यह वोट की चोरी नहीं है, इसे इस तरह कहना एक गंभीर गलतबयानी है।"
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि जनता अब उनके कहने पर नहीं जाने वाली है। जनता को विपक्ष की सच्चाई का पता चल गया है और वह भाजपा के साथ खड़ी है, जिसका परिणाम इनको बिहार चुनाव में भी देखने को मिला था।
मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित भारत: जी राम जी' किए जाने पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "पिछले 20 वर्षों से जो योजना चल रही थी, वह एक अच्छी योजना थी। अब इसमें सुधार की आवश्यकता है। इसमें सुधार किया जा रहा है, जनता को काफी कुछ नया देखने को मिलने वाला है। यही कारण है कि विपक्ष के लोग परेशान हो रहे हैं और शोर मचा रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग न तो काम किए थे और न ही काम करने दे रहे हैं, रोज कुछ न कुछ फर्जी मुद्दा लेकर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उन्हें कुछ फायदा मिल सके, लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं है।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि जहां भी विपक्षी दलों की सरकार बनती है, वहां 'वोट चोरी' का मुद्दा नहीं उठाया जाता है। जहां ये लोग हारते हैं, वहां 'वोट चोरी' के नाम पर अपनी हार को छुपाना चाहते हैं। इसीलिए विपक्षी दल विश्वास करने लायक नहीं हैं, यह बात जनता को भी पता चल गई है।