क्या सीबीआई और ईडी की रेड विपक्ष को दबाने के लिए हो रही है? रविदास मेहरोत्रा
सारांश
Key Takeaways
- रविदास मेहरोत्रा का आरोप है कि ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग हो रहा है।
- ममता बनर्जी ने छापेमारी के खिलाफ विरोध किया।
- अंकिता भंडारी हत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई।
- सुरक्षा चूक के मामले में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
- राजनीतिक मुद्दों पर निष्पक्षता से विचार करना जरूरी है।
लखनऊ, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है ताकि विपक्ष को दबाया जा सके। हाल ही में ईडी ने कोलकाता में छापेमारी की, जिस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं। टीएमसी ने इस छापेमारी के खिलाफ दिल्ली और बंगाल में विरोध प्रदर्शन किया।
सपा नेता ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं पर झूठे आरोप लगा रही है और ईडी और सीबीआई के माध्यम से छापे करवा रही है। उन्हें यह डर है कि वे पश्चिम बंगाल में सरकार नहीं बना सकेंगे, इसलिए चुनाव से पहले ही ममता बनर्जी को बदनाम करने के लिए ईडी का सहारा लिया जा रहा है। सीएम ममता बनर्जी ने इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरने का फैसला किया है। सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने में लगी हुई है।
सपा नेता ने अंकिता भंडारी हत्या मामले में सीबीआई जांच की मंजूरी के बारे में कहा कि इस हत्या के बाद पूरे देश में सीबीआई जांच की मांग उठी थी। समाजवादी पार्टी ने भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। उत्तराखंड सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा की है और अब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अयोध्या में हिरासत में लिए गए एक कश्मीरी व्यक्ति के बारे में रविदास मेहरोत्रा ने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि भगवान श्री राम का मंदिर है और यह एक उच्च सुरक्षा क्षेत्र है। वहां आने वाले सभी व्यक्तियों का पहचान पत्र जांचा जाना चाहिए। यदि किसी अधिकारी ने सुरक्षा जांच में लापरवाही की है, तो यह एक गंभीर सुरक्षा चूक है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था के साथ कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न है, इसे गंभीरता से लेते हुए जांच करानी चाहिए।