क्या विशाख रिफाइनरी में आरयूएफ का ऑपरेशन शुरू होने से हम ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं?

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क्या विशाख रिफाइनरी में आरयूएफ का ऑपरेशन शुरू होने से हम ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाख रिफाइनरी में एचपीसीएल द्वारा आरयूएफ का संचालन शुरू होने पर इसकी सराहना की। यह आधुनिक प्लांट भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जानें इस फैसिलिटी के लाभों के बारे में।

Key Takeaways

  • आरयूएफ की क्षमता 3.55 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है।
  • यह एडवांस्ड रेसिड्यू हाइड्रोक्रैकिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग करती है।
  • इससे कच्चे तेल का 93 प्रतिशत उच्च-मूल्य उत्पादों में परिवर्तित होता है।
  • यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने में मदद करेगी।
  • यह स्वदेशी इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाख रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) द्वारा रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (आरयूएफ) के संचालन की शुरुआत के अवसर पर इसकी सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक प्लांट हमारी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों में नई रफ्तार देता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के 'एक्स' पर किए गए पोस्ट के जवाब में लिखा, "यह अत्याधुनिक फैसिलिटी ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने की हमारी कोशिशों को गति देती है, जिससे हम इस सेक्टर में आत्मनिर्भर बन रहे हैं।"

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने 'एक्स' पोस्ट में बताया कि विशाख रिफाइनरी में एचपीसीएल की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी का सफल संचालन भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के दूरदर्शी नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

हरदीप सिंह पुरी ने लिखा, "यह फैसिलिटी स्वदेशी इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें 2,200 मीट्रिक टन वजनी तीन एलसी-मैक्स रिएक्टर हैं, जो दुनिया के सबसे भारी इंजीनियरिंग ब्लॉकों में से हैं।" उन्होंने बताया कि ये सभी ब्लॉक भारत में ही बनाए और असेंबल किए गए हैं।

यह फैसिलिटी 3.55 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) की क्षमता का उपयोग करती है और एडवांस्ड रेसिड्यू हाइड्रोक्रैकिंग टेक्नोलॉजी का लाभ उठाती है, जिससे कच्चे तेल के निचले हिस्से का लगभग 93 प्रतिशत उच्च-मूल्य उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है। इससे हर बैरल तेल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा और देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "कच्चे तेल को रिफाइन करने के तरीकों की दिशा में एक मील का पत्थर। एचपीसीएल की विशाख रिफाइनरी में दुनिया की पहली एलसी-मैक्स आधारित रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी शुरू होने से कच्चे तेल के सबसे भारी हिस्से का 93 प्रतिशत अब कम कीमत वाले रेसिड्यू के रूप में छोड़े जाने के बजाय, उपयोगी ईंधन में बदला जा सकता है।"

Point of View

बल्कि यह देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को भी पूरा करने में सहायक होगा।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

आरयूएफ क्या है?
रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (आरयूएफ) एक तकनीक है जो कच्चे तेल के निचले हिस्से को उच्च-मूल्य उत्पादों में परिवर्तित करती है।
इस फैसिलिटी के क्या लाभ हैं?
यह फैसिलिटी कच्चे तेल के 93 प्रतिशत हिस्से को उपयोगी ईंधन में बदलती है, जिससे ऊर्जा का अधिकतम उपयोग हो सकेगा।
इस फैसिलिटी का उद्घाटन कब हुआ?
इसका उद्घाटन 6 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया।
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