क्या विश्व आर्थिक मंच से ईयू अध्यक्ष ने ऐलान किया कि 'हम भारत संग ऐतिहासिक समझौते के करीब हैं'?
सारांश
Key Takeaways
- ईयू और भारत के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता हो रहा है।
- यह समझौता 2 अरब लोगों के लिए एक नया बाजार बनाएगा।
- ईयू की सैन्य टुकड़ी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होगी।
- सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी बातचीत हो रही है।
- ईयू अध्यक्ष अगले सप्ताह भारत का दौरा करेंगी।
दावोस, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विश्व आर्थिक मंच में ईयू अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन ने बताया कि ईयू और भारत के बीच एक ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी आई है। मंगलवार को दिए गए अपने बयान में उन्होंने अमेरिका को यह स्पष्ट किया कि अब यूरोप टैरिफ से बेखौफ होकर नए साझेदारों के साथ सहयोग के लिए तैयार है।
लेयेन ने कहा, "हमने कई देशों के साथ समझौते किए हैं" और अगले सप्ताह वे भारत जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा, "हमें अभी और मेहनत करनी है। हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के कगार पर हैं। इसे सभी समझौतों की जननी कहा जा रहा है। यह 2 अरब लोगों के लिए एक नया बाजार बनाएगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई है।"
ईयू अध्यक्ष के अनुसार, यह संभावित व्यापार समझौता यूरोप को और मजबूत बनाएगा। यूरोप लैटिन अमेरिका से लेकर एशिया प्रशांत के आर्थिक ताकतवर देशों को चुन रहा है, और दुनिया भी हमारी ओर हाथ बढ़ा रही है।
वॉन डेर लेयेन अगले सप्ताह भारत में गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि अब ईयू को अपनी आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए तेजी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
वॉन डेर लेयेन ने कहा, "भू-राजनीतिक बदलाव यूरोप के लिए एक अवसर हो सकते हैं—और होने भी चाहिए। यह बड़ा परिवर्तन नई यूरोपीय स्वतंत्रता बनाने के लिए आवश्यक है, जो रक्षा, अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र को प्रभावित करता है। यूरोप तेजी से आगे बढ़ रहा है।"
भारत और ईयू 27 जनवरी को एक ऐतिहासिक एफटीए को अंतिम रूप देने के करीब हैं, जो गणतंत्र दिवस समारोह के एक दिन बाद होगा। इसमें ईयू के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
एफटीए के संबंध में दोनों पक्ष एक दस्तावेज पर सहमति बनाएंगे, जिसके बाद इसे आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और यूरोपीय संसद तथा परिषद द्वारा अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
दोनों पक्ष सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते पर भी हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिससे ईयू में काम करने वाले भारतीयों की मोबिलिटी बढ़ाई जा सके।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे, जिसके बाद वे संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। ईयू की एक सैन्य टुकड़ी पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होगी, जो द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है।
यह व्यापार सौदा भारत के लिए अब तक का सबसे बड़ा सौदा होगा, जिसमें 27 देशों वाला यूरोपीय संघ शामिल होगा।